IIT-बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत: लॉक्ड iPhone 17 ने क्राइम ब्रांच की जांच अटकाई
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच को IIT-बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच में एक अप्रत्याशित तकनीकी बाधा का सामना करना पड़ रहा है — साहिल का iPhone 17 पैटर्न लॉक की वजह से अब तक अनलॉक नहीं हो सका है। रिपोर्टों के अनुसार, साहिल के किसी भी परिचित को फोन का पासवर्ड नहीं पता था, जिसके कारण पुलिस डिवाइस से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य निकालने में असमर्थ है। घटना 18 सितंबर 2026 को परीक्षा के दिन की है, जब साहिल परीक्षा हॉल से बाहर निकला और बाद में उसकी मौत हो गई।
47 मिनट का रहस्य
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, साहिल 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:38 बजे परीक्षा हॉल से निकला और करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में लौटा। इन लगभग 47 मिनटों के दौरान वह कहाँ गया और उसके साथ क्या हुआ, यह जांच का केंद्रीय प्रश्न बन गया है।
क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक के पूरे रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि इन 47 मिनटों की एक-एक घड़ी का हिसाब लगाया जा सके। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि यदि फोन अनलॉक हो जाए, तो यह पता चल सकेगा कि साहिल ने परीक्षा के दौरान या बाद में क्या सर्च किया था।
परीक्षा हॉल से निष्कासन का प्रसंग
साहिल पर 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप था। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला उसे परीक्षा हॉल से बाहर जाने को कहते दिख रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद के 47 मिनट जांच के लिहाज़ से सबसे अहम हैं।
गौरतलब है कि यह मामला तब से सुर्खियों में है जब पवई पुलिस स्टेशन में प्रारंभिक FIR दर्ज होने के बाद जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। अब तक 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें IIT-बॉम्बे के छात्र, शिक्षक और अन्य स्टाफ सदस्य शामिल हैं।
iPhone 17 की एन्क्रिप्शन बनी तकनीकी दीवार
जांच में सबसे बड़ी रुकावट यह है कि पुलिस के मौजूदा फोरेंसिक टूल पुराने iPhone मॉडलों से डेटा निकाल सकते हैं, लेकिन iPhone 17 जैसे नए मॉडल की उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीक इन टूल की पहुँच से बाहर है। डिवाइस पर पैटर्न लॉक होने के कारण बिना सही पासवर्ड के डेटा तक पहुँचना अत्यंत कठिन है।
रिपोर्टों के अनुसार, क्राइम ब्रांच अब ऐसी विशेषज्ञ एजेंसियों से सहायता लेने पर विचार कर रही है जिनके पास नए स्मार्टफोन के डिजिटल डेटा की जांच के लिए अधिक उन्नत तकनीक उपलब्ध है। यह पहली बार नहीं है कि Apple की मजबूत एन्क्रिप्शन नीति कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बाधा बनी हो — यह ऐसे कई मामलों में से एक है जहाँ डिजिटल गोपनीयता और जांच की ज़रूरतें आपस में टकराती हैं।
लैपटॉप और सीसीटीवी से जांच जारी
iPhone के अलावा, पुलिस ने साहिल का लैपटॉप भी जब्त कर लिया है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। कैंपस, परीक्षा हॉल और हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज की गहन समीक्षा की जा रही है। जांच टीम फोन कॉल रिकॉर्ड, लैपटॉप डेटा, सीसीटीवी साक्ष्य और गवाहों के बयानों को एकत्रित कर 18 सितंबर की घटनाओं की पूरी तस्वीर जोड़ने की कोशिश में जुटी है।
जांच आगे कहाँ जाएगी
क्राइम ब्रांच के सामने अब दोहरी चुनौती है — एक ओर iPhone 17 को अनलॉक करने का तकनीकी हल खोजना, और दूसरी ओर उन 47 मिनटों के भौतिक साक्ष्यों को जोड़ना। जांचकर्ताओं ने संकेत दिया है कि जैसे-जैसे डिजिटल और सीसीटीवी साक्ष्य सामने आएंगे, मामले की दिशा स्पष्ट होती जाएगी।