आईआईटी-बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत: परिजनों ने प्रोफेसर डूला की गिरफ्तारी की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
आईआईटी-बॉम्बे के पूर्व छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उनके माता-पिता ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे से मुलाकात कर जांच की प्रगति का ब्यौरा माँगा। परिजनों ने आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की तत्काल गिरफ्तारी की माँग दोहराई और निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित जाँच की अपील की।
मुलाकात में कौन-कौन शामिल रहे
साहिल के माता-पिता के साथ इस मुलाकात में सांसद एवं मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष प्रोफेसर वर्षा गायकवाड़, विधायक अमीन पटेल और विधायक असलम शेख भी उपस्थित रहे। इन जनप्रतिनिधियों ने जाँच की गति पर चिंता जताई और अधिकारियों से प्रोफेसर डूला के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की माँग की। परिजनों ने क्राइम ब्रांच से यह भी जानना चाहा कि अब तक क्या-क्या कदम उठाए जा चुके हैं।
घटनाक्रम: क्या हुआ था 18 सितंबर को
एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे को 18 सितंबर की शाम पवई कैंपस के उनके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका पाया गया था। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर कक्षा से बाहर भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई थी। परिजनों का आरोप है कि प्रोफेसर डूला ने साहिल को प्रताड़ित किया था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
प्रोफेसर डूला का पक्ष
मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही जाँच में अब तक करीब 60 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान भी शामिल है। पूछताछ के दौरान प्रोफेसर डूला ने कथित तौर पर उन पर लगाए गए अधिकांश आरोपों से इनकार किया है। उनके अनुसार, उन्होंने साहिल को परीक्षा के दौरान फोन इस्तेमाल करते देखा, और जब साहिल ने उसे छिपाने की कोशिश की, तो उन्होंने उसका परीक्षा पेपर लेकर उसे हॉल से बाहर जाने को कह दिया — इससे अधिक कुछ नहीं कहा।
परिवार और जनप्रतिनिधियों की माँगें
साहिल के माता-पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि प्रोफेसर डूला ने उनके बेटे के साथ दुर्व्यवहार किया था। परिजन और उनके साथ आए जनप्रतिनिधि एकमत हैं कि जाँच में पारदर्शिता लाई जाए और प्रोफेसर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। यह मामला ऐसे समय में राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है जब देश के कई शीर्ष शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संस्थागत उत्तरदायित्व पर सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या होगा
मुंबई क्राइम ब्रांच की जाँच जारी है और परिजनों के साथ-साथ राजनीतिक दलों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और जवाबदेही की व्यापक चुनौती को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट और संभावित गिरफ्तारी पर सबकी नजर रहेगी।