IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे आत्महत्या मामला: प्रोफेसर डूला ने प्रताड़ना से इनकार किया, 60 गवाहों के बयान दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में अब तक लगभग 60 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान भी शामिल है। पूछताछ के दौरान प्रोफेसर डूला ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उन्होंने साहिल को नकल करते देखने पर केवल उसका परीक्षा पेपर लेकर उसे हॉल से बाहर जाने को कहा था। यह मामला 18 सितंबर को पवई कैंपस में साहिल के हॉस्टल कमरे में उसके फंदे से लटके पाए जाने के बाद सामने आया था।
प्रोफेसर डूला का पक्ष
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, प्रोफेसर डूला ने पूछताछ में बताया कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उन्होंने कथित तौर पर साहिल को अपने मोबाइल फोन से नकल करते हुए देखा था। जब साहिल ने फोन छिपाने की कोशिश की, तब डूला ने उसे कुछ कहे बिना सीधे परीक्षा पेपर लेकर उसे हॉल से बाहर जाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से किसी तरह की मौखिक कड़वाहट या दबाव नहीं था।
जातिगत भेदभाव के आरोपों पर इनकार
डूला ने यह भी दावा किया कि IIT बॉम्बे में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी किसी छात्र के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के रूप में उनके लिए सभी छात्र समान हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य छात्रों को पढ़ाना है।
परिवार के आरोप और जांच की पृष्ठभूमि
साहिल के माता-पिता ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रोफेसर डूला ने उनके बेटे को प्रताड़ित किया था। इसी आरोप के आधार पर क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर से साहिल की मृत्यु से पूर्व की घटनाओं और उनके बीच हुई बातचीत के बारे में विस्तृत पूछताछ की। गौरतलब है कि यह घटना परीक्षा हॉल की कथित घटना के महज कुछ घंटों बाद हुई थी।
मामले की मूल घटना
एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र वाकोडे 18 सितंबर की शाम को पवई कैंपस के हॉस्टल कमरे में फंदे से लटके पाए गए थे। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, वाकोडे ने परीक्षा का प्रश्न-पत्र एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग किया था। हालांकि, बाद में संस्थान ने घटना का विस्तृत ब्यौरा देने से इनकार कर दिया था।
आगे की जांच
मुंबई क्राइम ब्रांच की यह जांच अभी जारी है और अब तक 60 से अधिक बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जांच में परीक्षा हॉल में हुई घटना, संस्थान की प्रक्रियाओं और साहिल की मानसिक स्थिति से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच की पूर्णता के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।