बागबाहरा में चाकू दिखाकर लूट करने वाले गिरोह का 24 घंटे में भंडाफोड़, 8 आरोपी पकड़े
सारांश
मुख्य बातें
महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र में एक राहगीर से चाकू की नोक पर मोबाइल और नकदी छीनने वाले गिरोह का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। 17 सितंबर 2026 को पुलिस ने इस मामले में चार वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया और चार नाबालिगों को अभिरक्षा में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा।
घटनाक्रम: कैसे दिया वारदात को अंजाम
15 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे बागबाहरा निवासी दिनेश कुमार सूर्यवंशी ग्राम घुंचापाली स्थित जियो टॉवर पर काम करने के बाद मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। रेलवे फाटक धान मंडी बागबाहरा के समीप कुछ युवकों ने उनकी बाइक जबरन रोक ली।
आरोप है कि बदमाशों ने दिनेश कुमार के साथ मारपीट की और चाकू दिखाकर उनका रियलमी 15 5जी मोबाइल फोन तथा ₹200 नकद छीन लिए। लूटी गई संपत्ति की कुल कीमत करीब ₹28,200 बताई गई है। पीड़ित की शिकायत पर थाना बागबाहरा में मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की। पीड़ित द्वारा दिए गए आरोपियों के हुलिए और शारीरिक विवरण के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग मिले। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके दौरान आरोपियों ने वारदात को स्वीकार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया मोबाइल फोन, ₹200 नकद और वारदात में इस्तेमाल एक चाकू बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पुलिस ने जिन चार वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया, उनमें शामिल हैं — शिवदास (26), निवासी वार्ड नंबर 10 बागबाहरा; वासु सोनवानी (19), निवासी वार्ड नंबर 10 बागबाहरा; शिवप्रसाद उर्फ कन्हैया नेताम (22), निवासी ढांगाडीपारा बागबाहरा; और राज तांडी (19), निवासी वार्ड नंबर 10 बागबाहरा। इनके अतिरिक्त चार विधि-विरुद्ध संघर्षरत नाबालिगों को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(2) और 126(1) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई की गई है। वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि चारों नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
आगे की जाँच
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सड़क पर लूट की घटनाओं में वृद्धि की रिपोर्टें सामने आई हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और 24 घंटे में गिरोह का भंडाफोड़ स्थानीय कानून-व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। जाँच अधिकारियों के अनुसार, यह जाँच अभी भी जारी है कि क्या यह गिरोह अन्य पुरानी वारदातों में भी संलिप्त है।