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डूसू चुनाव हिंसा पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त: 'लोकतंत्र को आपराधिक समाज नहीं बनने देंगे', शुक्रवार तक रिपोर्ट तलब

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डूसू चुनाव हिंसा पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त: 'लोकतंत्र को आपराधिक समाज नहीं बनने देंगे', शुक्रवार तक रिपोर्ट तलब

सारांश

डूसू चुनाव प्रचार के दौरान नॉर्थ कैंपस में ABVP-NSUI झड़प के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। 'लोकतंत्र को आपराधिक समाज नहीं बनने दिया जाएगा' — अदालत की इस चेतावनी के साथ मतगणना पर रोक का खतरा मंडरा रहा है।

मुख्य बातें

दिल्ली हाई कोर्ट ने डूसू चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा पर 17 सितंबर 2026 को गंभीर आपत्ति जताई।
अदालत ने डूसू , दिल्ली पुलिस और सरकार से शुक्रवार तक रिपोर्ट माँगी; कार्रवाई से असंतुष्ट होने पर मतगणना रोकने की चेतावनी दी।
अदालत की टिप्पणी: 'लोकतंत्र को आपराधिक समाज में नहीं बदला जा सकता।' बुधवार रात नॉर्थ कैंपस में ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई; दोनों संगठनों ने एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगाया।
मतदान 18 सितंबर और मतगणना 19 सितंबर को निर्धारित; अभी मतगणना पर स्थगनादेश नहीं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव प्रचार के दौरान नॉर्थ कैंपस में हुई हिंसा पर गंभीर आपत्ति जताते हुए डूसू, दिल्ली पुलिस और सरकार से शुक्रवार तक विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। अदालत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उठाए गए कदमों से वह संतुष्ट नहीं हुई, तो मतगणना और परिणामों की घोषणा पर रोक लगाई जा सकती है।

कोर्ट की तीखी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़े शब्दों में कहा, 'लोकतंत्र को आपराधिक समाज में नहीं बदला जा सकता।' यह टिप्पणी तब आई जब अदालत के संज्ञान में डीयू परिसर में चुनाव प्रचार के दौरान दो छात्र संगठनों के बीच हुई हिंसक झड़प की जानकारी आई। हालाँकि, अदालत ने अभी 19 सितंबर को निर्धारित मतगणना पर कोई स्थगनादेश जारी नहीं किया है।

झड़प का घटनाक्रम

बुधवार रात दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं के बीच अलग-अलग स्थानों पर झड़पें हुईं। दोनों संगठनों ने एक-दूसरे पर हमले करने के आरोप लगाए हैं।

ABVP का आरोप है कि NSUI कार्यकर्ताओं ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हरि मंदिर के समीप एक भवन में उनके सदस्यों के साथ मारपीट की। संगठन के अनुसार यह घटना एक शांतिपूर्ण बैठक के दौरान हुई और उस समय एक छात्रा भी वहाँ मौजूद थी। ABVP ने दावा किया कि हमलावरों में से एक व्यक्ति को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

डूसू चुनाव की समय-सारणी

डूसू चुनाव का प्रचार 16 सितंबर को समाप्त हो चुका है। मतदान 18 सितंबर को और मतगणना 19 सितंबर को होनी निर्धारित है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में छात्र राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है और विश्वविद्यालय प्रशासन पर परिसर में शांति बनाए रखने का दबाव है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि डूसू चुनावों में ABVP और NSUI के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है — पिछले कई वर्षों में चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा की घटनाएँ सामने आती रही हैं। दिल्ली हाई कोर्ट का इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना और सख्त टिप्पणी करना संकेत देता है कि न्यायपालिका परिसर की राजनीतिक हिंसा को अब बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को अदालत द्वारा रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आगे का निर्देश तय होगा, और मतगणना की स्थिति भी उसी पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार अदालती हस्तक्षेप के बावजूद अगले चुनाव में इतिहास दोहराया जाता है। असली सवाल यह है कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही महज रिपोर्ट सौंपने तक सीमित रहेगी, या ठोस संरचनात्मक बदलाव होंगे। ABVP और NSUI — दोनों राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के छात्र संगठन हैं — उनकी हिंसा दरअसल बड़ी दलीय प्रतिस्पर्धा का विस्तार है, जिसे नजरअंदाज करके परिसर में शांति की उम्मीद रखना बेमानी है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाई कोर्ट ने डूसू चुनाव को लेकर क्या कहा?
दिल्ली हाई कोर्ट ने डूसू चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि 'लोकतंत्र को आपराधिक समाज में नहीं बदला जा सकता।' अदालत ने डूसू, दिल्ली पुलिस और सरकार से शुक्रवार तक रिपोर्ट माँगी है और चेतावनी दी है कि असंतुष्ट होने पर मतगणना व परिणाम घोषणा पर रोक लगाई जा सकती है।
डूसू चुनाव 2026 में मतदान और मतगणना कब होगी?
मतदान 18 सितंबर 2026 को और मतगणना 19 सितंबर 2026 को निर्धारित है। चुनाव प्रचार 16 सितंबर को समाप्त हो चुका है। अभी अदालत ने मतगणना पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन शुक्रवार की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय हो सकता है।
ABVP और NSUI के बीच झड़प कब और कहाँ हुई?
बुधवार रात दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच अलग-अलग जगहों पर झड़पें हुईं। ABVP का आरोप है कि NSUI कार्यकर्ताओं ने हरि मंदिर के पास एक शांतिपूर्ण बैठक के दौरान उनके सदस्यों के साथ मारपीट की, जिसमें एक छात्रा भी मौजूद थी।
क्या डूसू मतगणना पर रोक लग सकती है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर शुक्रवार तक सौंपी गई रिपोर्ट से वह संतुष्ट नहीं हुई, तो वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा पर रोक लगाई जा सकती है। हालाँकि, अभी तक कोई स्थगनादेश जारी नहीं हुआ है।
ABVP और NSUI क्या हैं?
ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ा छात्र संगठन है, जबकि NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) का छात्र संगठन है। दोनों दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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