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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 18 सितंबर को मुंबई, लोनावला और पुणे दौरे पर, लालबागचा राजा के करेंगे दर्शन

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 18 सितंबर को मुंबई, लोनावला और पुणे दौरे पर, लालबागचा राजा के करेंगे दर्शन

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का 18 सितंबर का महाराष्ट्र दौरा — लालबागचा राजा दर्शन, कैवल्यधाम प्लेटिनम जुबली और पुणे फेस्टिवल — गणेश उत्सव के चरम पर है। एक दिन पहले हैदराबाद मुक्ति दिवस पर उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सरदार पटेल की विरासत पर जोरदार संदेश दिया।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 18 सितंबर 2026 को मुंबई , लोनावला और पुणे का दौरा करेंगे।
सुबह मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन करेंगे।
दोपहर लोनावला में कैवल्यधाम गोर्धनदास सेकसरिया कॉलेज ऑफ योग के प्लेटिनम जुबली समारोह में शामिल होंगे।
शाम पुणे के नेहरू स्टेडियम में पुणे फेस्टिवल के 38वें संस्करण में भाग लेंगे।
17 सितंबर को उन्होंने सिकंदराबाद में 79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस को संबोधित किया और सरदार पटेल , रामजी गोंड , तुर्रेबाज खान व कोमाराम भीम को श्रद्धांजलि दी।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 18 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को महाराष्ट्र के तीन प्रमुख शहरों — मुंबई, लोनावला और पुणे — का एक दिवसीय दौरा करेंगे, जिसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम शामिल हैं। इस यात्रा की शुरुआत मुंबई में प्रतिष्ठित लालबागचा राजा के दर्शन से होगी, जो गणेश उत्सव के दौरान देशभर में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

मुंबई: लालबागचा राजा के दर्शन

शुक्रवार सुबह उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन करेंगे। यह गणपति प्रतिष्ठान देश के सबसे लोकप्रिय और ऐतिहासिक गणेश मंडलों में से एक है और गणेश उत्सव के दौरान यहाँ लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। किसी उच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की यह यात्रा सांस्कृतिक एकता और धार्मिक सद्भावना का प्रतीक मानी जा रही है।

लोनावला: कैवल्यधाम का प्लेटिनम जुबली समारोह

शुक्रवार दोपहर उपराष्ट्रपति लोनावला स्थित कैवल्यधाम पहुँचेंगे और गोर्धनदास सेकसरिया कॉलेज ऑफ योग एंड कल्चरल सिंथेसिस के प्लेटिनम जुबली समारोह में भाग लेंगे। यह संस्था भारत में योग शिक्षा और सांस्कृतिक समन्वय के क्षेत्र में अग्रणी रही है और इस महत्वपूर्ण वर्षगाँठ पर उपराष्ट्रपति की उपस्थिति संस्था के योगदान को राष्ट्रीय मान्यता देती है।

पुणे: पुणे फेस्टिवल के 38वें संस्करण का उद्घाटन

शुक्रवार शाम उपराष्ट्रपति पुणे के नेहरू स्टेडियम स्थित श्री गणेश कला क्रीड़ा रंगमंच पर पुणे फेस्टिवल के 38वें संस्करण में शामिल होंगे। पुणे फेस्टिवल महाराष्ट्र की कला, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है और इसके इस बार के आयोजन को उपराष्ट्रपति की उपस्थिति विशेष महत्व देती है।

हैदराबाद मुक्ति दिवस पर दिया ऐतिहासिक संदेश

इससे एक दिन पहले, गुरुवार 17 सितंबर को, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में आयोजित 79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर 1948 का दिन स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक निर्णायक अध्याय के समापन का प्रतीक है, जब 'ऑपरेशन पोलो' के बाद तत्कालीन हैदराबाद राज्य का भारतीय संघ में विलय हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद मुक्ति दिवस केवल एक ऐतिहासिक तारीख को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की यात्रा और उन मूल्यों की याद दिलाता है जो भारत को एकजुट रखते हैं।

उपराष्ट्रपति ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि पहले गृह मंत्री के रूप में उन पर सैकड़ों रियासतों को एक संघ में एकीकृत करने की असाधारण जिम्मेदारी थी। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और सरदार पटेल को आज़ादी और एकीकरण में उनकी भूमिका के लिए श्रेय दिया। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

आम नागरिकों के संघर्ष को श्रद्धांजलि

राधाकृष्णन ने हैदराबाद संघर्ष में हिस्सा लेने वाले छात्रों, बुद्धिजीवियों, किसानों और आम नागरिकों के बलिदान को याद किया। उन्होंने रामजी गोंड, तुर्रेबाज खान और कोमाराम भीम को श्रद्धांजलि दी। उनके शब्दों में, 'इतिहास सिर्फ सरकारी दफ्तरों में या मशहूर राजनेताओं द्वारा नहीं बनता, बल्कि उन आम नागरिकों द्वारा भी बनता है जो अन्याय को अपनी किस्मत मानने से इनकार कर देते हैं।' उन्होंने यह भी जोर दिया कि राष्ट्रीय एकता को भूगोल नहीं, बल्कि समान अधिकारों, समान सम्मान और समान अवसरों से मजबूत किया जाता है।

उपराष्ट्रपति का यह महाराष्ट्र दौरा और हैदराबाद में दिया गया संदेश राष्ट्रीय एकता के व्यापक विमर्श में एक और कड़ी जोड़ता है — ऐसे समय में जब देश इतिहास के पुनर्मूल्यांकन और सांस्कृतिक पहचान को लेकर गहरी बहस के दौर में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय सोचा-समझा है — गणेश उत्सव के चरम पर लालबागचा राजा के दर्शन से शुरुआत और पुणे फेस्टिवल पर समापन, यह संविधानिक पदों के सांस्कृतिक कूटनीति के औज़ार के रूप में इस्तेमाल की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। हैदराबाद मुक्ति दिवस पर दिया भाषण अधिक ध्यान देने योग्य है: राधाकृष्णन ने न केवल सरदार पटेल को, बल्कि आदिवासी नेताओं — कोमाराम भीम और रामजी गोंड — को भी याद किया, जो मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर हाशिये पर रहते हैं। यह समावेशी इतिहास-लेखन की दिशा में एक उल्लेखनीय संकेत है, भले ही इसके पीछे की राजनीतिक मंशाओं का मूल्यांकन पाठक स्वयं करें।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 18 सितंबर को कहाँ-कहाँ जाएंगे?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन 18 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के तीन शहरों — मुंबई, लोनावला और पुणे — का दौरा करेंगे। वे सुबह लालबागचा राजा के दर्शन करेंगे, दोपहर लोनावला में कैवल्यधाम के प्लेटिनम जुबली समारोह में और शाम को पुणे फेस्टिवल के 38वें संस्करण में शामिल होंगे।
लालबागचा राजा क्या है और उपराष्ट्रपति की यात्रा का क्या महत्व है?
लालबागचा राजा मुंबई का एक ऐतिहासिक और अत्यंत लोकप्रिय गणपति प्रतिष्ठान है, जहाँ गणेश उत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उपराष्ट्रपति जैसे उच्च संवैधानिक पद से यह यात्रा सांस्कृतिक और धार्मिक सद्भावना का प्रतीक मानी जाती है।
कैवल्यधाम का प्लेटिनम जुबली समारोह क्यों महत्वपूर्ण है?
लोनावला स्थित कैवल्यधाम का गोर्धनदास सेकसरिया कॉलेज ऑफ योग एंड कल्चरल सिंथेसिस भारत में योग शिक्षा का एक अग्रणी केंद्र है। प्लेटिनम जुबली इस संस्था के 75 वर्षों के योगदान का उत्सव है, और उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इसे राष्ट्रीय मान्यता प्रदान करती है।
हैदराबाद मुक्ति दिवस पर राधाकृष्णन ने क्या कहा?
17 सितंबर 2026 को सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में 79वें हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि 17 सितंबर 1948 'ऑपरेशन पोलो' के बाद हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय का निर्णायक दिन था। उन्होंने सरदार पटेल, रामजी गोंड, तुर्रेबाज खान और कोमाराम भीम को श्रद्धांजलि दी और कहा कि राष्ट्रीय एकता भूगोल नहीं, बल्कि समान अधिकारों और सम्मान से बनती है।
पुणे फेस्टिवल 2026 कब और कहाँ होगा?
पुणे फेस्टिवल का 38वाँ संस्करण 18 सितंबर 2026 की शाम पुणे के नेहरू स्टेडियम स्थित श्री गणेश कला क्रीड़ा रंगमंच पर आयोजित होगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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