उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 29 मई से कर्नाटक, गोवा और केरल की तीन दिवसीय यात्रा पर, 8 कार्यक्रमों में होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 29 मई से 31 मई 2026 तक कर्नाटक, गोवा और केरल की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए, जिसमें वे आधिकारिक, धार्मिक और सांस्कृतिक — कुल 8 प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लेंगे। यह यात्रा दक्षिण भारत के तीन राज्यों में उपराष्ट्रपति की सक्रिय उपस्थिति को रेखांकित करती है।
पहले दिन: बेंगलुरु और दावणगेरे में दो बड़े आयोजन
29 मई को उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन सबसे पहले बेंगलुरु में 'आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन' के 45 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित वैश्विक समारोह में शिरकत करेंगे। इसके बाद वे कर्नाटक के दावणगेरे में 'यूनिवर्सिटी बीडीटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग' के प्लेटिनम जुबली समारोह में भी उपस्थित रहेंगे।
दूसरे दिन: गोवा के राज्य स्थापना दिवस और समुद्र विज्ञान संस्थान का दौरा
30 मई को उपराष्ट्रपति पणजी में गोवा राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उसी दिन वे 'सीएसआईआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी' का भी दौरा करेंगे, जो भारत की समुद्री अनुसंधान क्षमता का एक प्रमुख केंद्र है। गोवा इस वर्ष अपना स्थापना दिवस विशेष उत्साह के साथ मना रहा है।
तीसरे दिन: धर्मस्थल मंदिर, औद्योगिक पार्क और केरल के कार्यक्रम
31 मई को राधाकृष्णन कर्नाटक के प्रसिद्ध 'श्री क्षेत्र धर्मस्थल मंजुनाथ स्वामी मंदिर' के दर्शन करेंगे। इसके साथ ही वे बेल्थंगडी में 'एसआईआरआई इंडस्ट्रियल पार्क' का उद्घाटन भी करेंगे, जो क्षेत्र में औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उसी दिन उपराष्ट्रपति केरल पहुँचेंगे, जहाँ वे कोट्टायम में 'दीपिका मलयालम डेली' की 140वीं वर्षगांठ समारोह का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वे कन्नूर में राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर द्वारा आयोजित एक निजी कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
राज्यसभा में याचिका समिति का पुनर्गठन
यात्रा से ठीक पहले, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राज्यसभा के सभापति के रूप में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद राघव चड्ढा को उच्च सदन की 'याचिका समिति' का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। इस समिति का पुनर्गठन 20 मई को किया गया था। समिति के अन्य सदस्यों में जेबी माथेर हिशाम, हर्ष महाजन, गुलाम अली, मयंक कुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, सुभाशीष खुंटिया, र्वंग्रा नारजरी, संतोष कुमार पी. और शंभू शरण पटेल शामिल हैं।
आप से BJP में आने के बाद चड्ढा को मिली अहम जिम्मेदारी
गौरतलब है कि चड्ढा को यह नियुक्ति आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल होने के कुछ समय बाद ही मिली। अप्रैल 2026 में राज्यसभा के सात सांसदों — राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता — ने AAP छोड़कर BJP का दामन थाम लिया था। इस सामूहिक पार्टी परिवर्तन से AAP की राज्यसभा सीटें 10 से घटकर मात्र 3 रह गईं — जो पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका था।
इसके बाद चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर पंजाब में AAP सरकार द्वारा सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था। आने वाले दिनों में उपराष्ट्रपति की यह दक्षिण भारत यात्रा और राज्यसभा में हुए ये बदलाव, संसदीय राजनीति की दिशा पर असर डाल सकते हैं।