उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मिले बिहार CM सम्राट चौधरी और ओडिशा के डिप्टी CM, 29-31 मई को तीन राज्यों का दौरा
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से गुरुवार, 28 मई को उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने अलग-अलग मुलाकात की। उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इन भेंटों की जानकारी दी।
मुख्य मुलाकातें
उपराष्ट्रपति कार्यालय ने दो अलग-अलग पोस्ट में पुष्टि की कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से भेंट की। दोनों ही नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों से हैं।
इससे एक दिन पहले, बुधवार, 27 मई को उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने भी उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मुलाकात की थी।
तीन राज्यों का तीन दिवसीय दौरा
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 29 से 31 मई तक कर्नाटक, गोवा और केरल के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह दौरा शिक्षा, संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और औद्योगिक विकास से जुड़े विविध कार्यक्रमों को कवर करेगा।
दौरे का विस्तृत कार्यक्रम
29 मई को उपराष्ट्रपति बेंगलुरु, कर्नाटक में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की 45वीं वर्षगांठ के वैश्विक समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद वे दावणगेरे स्थित यूनिवर्सिटी बीडीटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्लेटिनम जुबली समारोह में शामिल होंगे।
30 मई को उपराष्ट्रपति गोवा के पणजी में राज्य स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे और सीएसआईआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी का दौरा करेंगे।
31 मई को वे कर्नाटक के धर्मस्थल स्थित श्री क्षेत्र धर्मस्थला मंजनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन करेंगे और बेलथंगडी में एसआईआरआई इंडस्ट्रियल पार्क का उद्घाटन करेंगे। उसी दिन वे केरल जाएंगे, जहाँ कोट्टायम में दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना वर्ष समारोह का उद्घाटन करेंगे। कन्नूर में राज्यसभा सांसद सी. सदानंद मास्टर द्वारा आयोजित एक निजी कार्यक्रम में भी उनकी भागीदारी निर्धारित है।
पिछली केरल यात्रा का संदर्भ
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन इससे पहले 3 से 4 नवंबर, 2025 को दो दिवसीय केरल यात्रा पर गए थे। आगामी दौरा उनकी दक्षिण भारत में सक्रिय उपस्थिति को रेखांकित करता है।