उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन केरल पहुंचे, कोचीन हवाई अड्डे पर राज्यपाल आर्लेकर व सीएम सतीशन ने किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन रविवार, 31 मई को केरल पहुंचे। कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह उनके तीन दिवसीय दौरे का अंतिम पड़ाव है, जिसमें गोवा और कर्नाटक भी शामिल रहे।
केरल में आगामी कार्यक्रम
उपराष्ट्रपति कोट्टायम में एक समारोह का उद्घाटन करेंगे। इसके अतिरिक्त वे कन्नूर में राज्यसभा सांसद सी. सदानंद मास्टर द्वारा आयोजित एक निजी कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।
कर्नाटक में उद्घाटन और मंदिर दर्शन
केरल आगमन से पूर्व उपराष्ट्रपति कर्नाटक में थे, जहाँ उन्होंने धर्मस्थल स्थित प्रसिद्ध श्री क्षेत्र धर्मस्थल मंजूनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने बेल्थांगडी में सिरी मातृश्री इंडस्ट्रियल पार्क का उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि 'समृद्ध ग्रामीण भारत का सपना सिरी जैसी संस्थाओं के माध्यम से साकार हो सकता है।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस संस्था ने आजीविका सृजन और उद्यमिता के ज़रिए हज़ारों महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मॉडल देश के अन्य हिस्सों के लिए भी प्रेरणादायक हैं।
इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, राज्यसभा सांसद एवं सिरी के अध्यक्ष डॉ. डी. वीरेंद्र हेग्गड़े, लोकसभा सांसद बृजेश चौटा तथा सिरी की संस्थापक हेमावती वी. हेग्गड़े सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गोवा में किए गए प्रमुख कार्यक्रम
दौरे के पहले चरण में उपराष्ट्रपति ने पणजी स्थित कला अकादमी में प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा के जीवन और कार्यों को समर्पित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने उनके सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट और विशेष कवर भी जारी किया तथा 'गोवा इंजीनियरिंग: द नेक्स्ट एरा' नामक एक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया।
गोवा में उन्होंने प्रतिष्ठित ब्रांडों और विशिष्ट व्यक्तियों को पुरस्कार प्रदान किए, नियुक्ति पत्र सौंपे और गोपाल रत्न पुरस्कार योजना, स्वयंपूर्ण मित्रों तथा स्वयंपूर्ण गांवों के तहत विजेताओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना के अंतर्गत उन्नत बीमा कवर का शुभारंभ भी किया।
दौरे का महत्व
यह तीन दिवसीय दौरा — गोवा, कर्नाटक और केरल — उपराष्ट्रपति की पश्चिमी और दक्षिणी भारत में सक्रिय सार्वजनिक भागीदारी को दर्शाता है। महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और सांस्कृतिक विरासत — तीनों विषयों पर उनका ध्यान इस दौरे की केंद्रीय थीम रही। आने वाले दिनों में केरल के कोट्टायम और कन्नूर में होने वाले कार्यक्रमों पर नज़रें टिकी हैं।