नोएडा सेक्टर-3 में मोबाइल नेटवर्क ठप, कर्मचारियों ने ट्राई से ड्राइव टेस्ट की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-3 और दिल्ली से सटे सीमावर्ती औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय से खराब मोबाइल नेटवर्क और बार-बार कॉल ड्रॉप की समस्या ने कर्मचारियों और व्यवसायों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। 16 जुलाई को सामने आई इन शिकायतों में कर्मचारियों ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल ड्राइव टेस्ट कराने की माँग की है। यह स्थिति तब और विरोधाभासी लगती है जब भारत वैश्विक स्तर पर 6जी तकनीक में अग्रणी बनने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
नोएडा के सेक्टर-3 में स्थित विभिन्न कंपनियों के कर्मचारियों के अनुसार, एयरटेल, वोडाफोन और रिलायंस जियो सहित लगभग सभी प्रमुख टेलीकॉम सेवाएँ व्यस्त कार्यालय समय में बाधित हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार घंटों तक मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह गायब रहता है, जिससे न कॉल संभव होती है, न एसएमएस भेजा जा सकता है और न ही सोशल मीडिया काम करता है।
सेक्टर-3 की एक निजी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि "यह समस्या अब लगभग रोज़ की हो गई है।" उनके अनुसार इसका सीधा असर रोज़मर्रा के कामकाज और कारोबार पर पड़ रहा है। उन्होंने ट्राई से मामले में तत्काल हस्तक्षेप और टेलीकॉम कंपनियों से जवाबदेही माँगने की अपील की।
कर्मचारियों की परेशानी
सेक्टर-3 में एक निजी रियल एस्टेट सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि नेटवर्क पाने के लिए कभी-कभी कार्यालय से बाहर किसी खास जगह पर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में यह और भी कठिन हो जाता है। परिवार और मित्रों से संपर्क तक संभव नहीं हो पाता, जो सामान्य जनजीवन को भी प्रभावित करता है।
गौरतलब है कि नोएडा के इन औद्योगिक सेक्टरों में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक्स, रियल एस्टेट, आईटी और अन्य क्षेत्रों की कंपनियाँ संचालित होती हैं। निर्बाध मोबाइल संचार इन व्यवसायों की बुनियादी ज़रूरत है, और इसके बाधित होने से उत्पादकता पर सीधा असर पड़ता है।
ट्राई का पूर्व अनुभव और ड्राइव टेस्ट प्रक्रिया
यह पहली बार नहीं है जब ट्राई के सामने इस तरह की शिकायतें आई हैं। इससे पहले नई दिल्ली के एनडीएमसी क्षेत्र और लुटियंस बंगला जोन (एलबीजेड) में भी कॉल ड्रॉप और कमज़ोर नेटवर्क की उपभोक्ता शिकायतों के बाद ट्राई ने टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के साथ बैठकें कीं और प्रभावित क्षेत्रों में ड्राइव टेस्ट कराए थे।
ड्राइव टेस्ट के दौरान ट्राई वास्तविक समय में नेटवर्क गुणवत्ता का आकलन करती है। इसमें कवरेज, कॉल ड्रॉप रेट (CDR), कॉल सेटअप सक्सेस रेट (CSSR), डेटा डाउनलोड (DL) और अपलोड (UL) थ्रूपुट जैसे प्रमुख क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS) मानकों की जाँच की जाती है। परीक्षण के परिणाम सार्वजनिक किए जाते हैं ताकि उपभोक्ताओं को सटीक जानकारी मिले और टेलीकॉम कंपनियाँ सुधारात्मक कदम उठाएँ।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
दूरसंचार विशेषज्ञों के अनुसार, घनी आबादी और औद्योगिक बहुलता वाले शहरी क्षेत्रों में नेटवर्क क्षमता की कमी एक बड़ी समस्या है। यह ऐसे समय में और भी चिंताजनक है जब देश 5जी विस्तार और 6जी तैयारियों में निवेश कर रहा है, जबकि बुनियादी 4जी सेवाएँ भी कई इलाकों में विश्वसनीय नहीं हैं।
आगे क्या
कर्मचारियों और स्थानीय कारोबारियों की माँग है कि ट्राई नोएडा सेक्टर-3 और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में जल्द से जल्द ड्राइव टेस्ट कराए और टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क सुधारने के लिए बाध्य करे। यदि ट्राई पूर्व की भाँति इस मामले में भी हस्तक्षेप करती है, तो प्रभावित उपभोक्ताओं को निकट भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद है।