ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध डंपिंग पर चार ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ीं, ₹1 लाख जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग ने 16 जून को सेक्टर जीटा-1 में कूड़े की अवैध डंपिंग के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए चार ट्रैक्टर-ट्रॉली और उनके चालकों को मौके पर पकड़ा। इन वाहनों के ज़रिए बिल्डर सोसाइटियों का कचरा निर्धारित स्थलों पर न ले जाकर सेक्टर जीटा-1 के खाली भूखंड में अवैध रूप से डाला जा रहा था। प्रत्येक वाहन पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया गया, जिससे कुल आर्थिक दंड ₹1 लाख हो गया।
मुख्य घटनाक्रम
प्राधिकरण को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कूड़ा एकत्र कर खाली पड़े भूखंडों में डंप किया जा रहा है। इन शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निगरानी तेज़ की और छापेमारी में चारों ट्रैक्टर-ट्रॉली को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता मिली।
जाँच में सामने आया कि बिल्डर सोसाइटियों से निकलने वाला कचरा जानबूझकर सेक्टर जीटा-1 के खाली प्लॉट में फेंका जा रहा था, जबकि नियमों के तहत इसे अधिकृत डंपिंग स्थलों पर ले जाना अनिवार्य है।
प्राधिकरण की प्रतिक्रिया
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि खुले स्थानों पर कचरा फेंकना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने नागरिकों, बिल्डरों और संबंधित एजेंसियों से अपील की कि कूड़े का उचित निस्तारण सुनिश्चित करें और शहर को स्वच्छ रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
आगे की चेतावनी
प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में दोबारा अवैध डंपिंग में कोई वाहन पकड़ा गया तो उसे जब्त करने के साथ-साथ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी क्षेत्रों में अनधिकृत कचरा निपटान एक बढ़ती हुई समस्या बन रही है।
आम जनता पर असर
अवैध डंपिंग से न केवल शहर की स्वच्छता प्रभावित होती है, बल्कि मच्छर जनित बीमारियों और भूजल प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे और अवैध डंपिंग करने वालों के विरुद्ध शून्य-सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।