जेलेंस्की का ऐलान: रूस माने तो यूक्रेन भी रोकेगा क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 15 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि यदि रूस अमेरिका के उस प्रस्ताव पर अमल करे जिसमें दोनों पक्षों से क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने की अपील की गई है, तो यूक्रेन इस तनाव-शमन प्रक्रिया का पूर्ण समर्थन करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के ऊर्जा ढाँचे पर हमले नहीं करने पर सहमति जताई है।
जेलेंस्की ने क्या कहा
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यह अमेरिका की तरफ से एक मजबूत प्रस्ताव है कि दोनों पक्ष महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर होने वाले हमलों को रोक दें। अगर यह तनाव कम करने की दिशा में पहला कदम बन सकता है — यानी रूस हमारे महत्वपूर्ण ढाँचे पर हमले बंद करे और हम जवाबी हमले रोके — तो यूक्रेन इस प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए तैयार है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'हम देख रहे हैं कि रूस हमारी सटीक कार्रवाइयों की वजह से अपनी युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव महसूस कर रहा है। अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि रूस वास्तव में युद्ध खत्म करने की ईमानदार इच्छा रखता है।'
ट्रंप का दावा और ट्रुथ सोशल पोस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे के ऊर्जा ढाँचे पर हमले न करने पर राजी हो गए हैं। हालाँकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस व्यवस्था के पीछे किसने मध्यस्थता कराई या दोनों पक्षों के बीच किस स्तर पर वार्ता हुई।
ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में कहा, 'दुनिया में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण रूस-यूक्रेन युद्ध है, ईरान नहीं।' यह टिप्पणी वैश्विक ऊर्जा बाजार पर युद्ध के गहरे असर की ओर इशारा करती है।
यूक्रेन का ऊर्जा ढाँचा: नुकसान की भयावहता
गौरतलब है कि फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से यूक्रेन के बिजली संयंत्रों, ट्रांसमिशन नेटवर्क और अन्य ऊर्जा ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन ने पुष्टि की है कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों के कारण बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है।
यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में सर्दियों की तैयारी शुरू हो रही है और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
जेलेंस्की की शर्तें और आगे की राह
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि शांति की जरूरत है, लेकिन कोई भी समाधान 'मजबूत और न्यायसंगत' होना चाहिए — जो केवल चुनावों तक सीमित न हो, बल्कि दीर्घकालिक टिकाऊ हो। उन्होंने कहा, 'ऊर्जा व्यवस्था, खाद्य आपूर्ति के रास्ते और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा — इन सभी मुद्दों को हमलों को खत्म करने और युद्ध समाप्त करने की बातचीत का हिस्सा होना चाहिए।'
उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिकी साझेदार यह सुनिश्चित कर सकें कि रूस सच में युद्ध खत्म करने के लिए तैयार है, तो यूक्रेन भी तनाव कम करने के लिए अपने कदम उठाएगा। आगे यह देखना होगा कि रूस अमेरिकी प्रस्ताव पर किस तरह की प्रतिक्रिया देता है और क्या यह संघर्षविराम की दिशा में ठोस कदम बन पाता है।