पीयूष गोयल की फिनलैंड यात्रा: भारत-EU FTA के तहत 6G, AI और क्लीन एनर्जी में साझेदारी पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 16 जुलाई 2026 को हेलसिंकी में फिनलैंड की उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री रिक्का पुर्रा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच आर्थिक, डिजिटल एवं तकनीकी सहयोग को नई ऊँचाई देने पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में दोनों पक्ष तेज़ी से काम कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
गोयल बेल्जियम और स्पेन की सफल यात्राओं के बाद फिनलैंड पहुँचे। हेलसिंकी में उन्होंने फिनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री साकारी पुइस्तो के साथ भी अहम बैठक की। गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच निवेश, इनोवेशन, अनुसंधान एवं विकास (R&D), स्टार्टअप और व्यापारिक साझेदारी को मज़बूत बनाने पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 6G, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, स्पेस और सस्टेनेबिलिटी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया। साथ ही यह भी विचार किया गया कि भारत-EU FTA किस प्रकार दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश प्रवाह को नई गति दे सकता है। गौरतलब है कि फिनलैंड यूरोप में टेलीकॉम और क्लीन टेक्नोलॉजी का एक प्रमुख केंद्र है, जो भारत की डिजिटल और हरित अर्थव्यवस्था की महत्वाकांक्षाओं के लिए एक स्वाभाविक साझेदार बनाता है।
इंडिया-फिनलैंड बिजनेस राउंडटेबल और MOU
यात्रा के दौरान पीयूष गोयल फिनलैंड की प्रमुख कंपनियों के साथ आयोजित इंडिया-फिनलैंड बिजनेस राउंडटेबल में भाग लेंगे, जिसमें डिजिटलीकरण, क्लीन एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सर्कुलर इकोनॉमी क्षेत्र की कंपनियाँ शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और बिजनेस फिनलैंड के बीच संस्थागत सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
प्रमुख कंपनियों का दौरा
गोयल नोकिया कॉरपोरेशन, VTT रिसर्च सेंटर, कोने कॉरपोरेशन और केम्पी ग्रुप जैसी फिनलैंड की अग्रणी कंपनियों और नवाचार संस्थानों का दौरा करेंगे। इन बैठकों में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, 6G रिसर्च, स्मार्ट मोबिलिटी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल इनोवेशन में सहयोग की संभावनाओं पर विचार होगा।
यात्रा का व्यापक संदर्भ
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और EU के बीच FTA वार्ता निर्णायक दौर में है। सरकार का मानना है कि यह दौरा यूरोप के साथ भारत की आर्थिक भागीदारी को नई ऊर्जा देगा और भारत को इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग तथा सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा। यह Nवीं ऐसी उच्चस्तरीय यूरोप यात्रा है जो FTA की गति को कूटनीतिक समर्थन देने के उद्देश्य से की जा रही है।