महाराष्ट्र नशामुक्ति अभियान: CM फडणवीस ने दिए कड़े निर्देश, स्कूल पाठ्यक्रम से लेकर फास्ट-ट्रैक कोर्ट तक का रोडमैप
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 16 जुलाई को मुंबई में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए महाराष्ट्र को नशामुक्त बनाने के लिए व्यापक सामूहिक जन आंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को प्राकृतिक और कृत्रिम मादक पदार्थों के निर्माण, आपूर्ति और व्यापार से जुड़ी अवैध अर्थव्यवस्था को जड़ से समाप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
शिक्षा में बदलाव: कक्षा 7 से 10 तक पाठ्यक्रम में जागरूकता
फडणवीस ने घोषणा की कि कक्षा 7 से 10 तक के विद्यालय पाठ्यक्रम में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्प्रभावों पर अनिवार्य जागरूकता सामग्री शामिल की जाएगी। इसके साथ ही विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और महाविद्यालयों के निदेशकों को अपने परिसरों को औपचारिक रूप से नशामुक्त क्षेत्र घोषित करना होगा। यह कदम नशे की समस्या की जड़ — युवा पीढ़ी — तक पहुँचने की रणनीति का हिस्सा है।
नशामुक्ति केंद्रों का मज़बूत नेटवर्क
सरकार ने गैर सरकारी संगठनों (NGO), चिकित्सा शिक्षा विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग और मादक पदार्थ विरोधी प्रकोष्ठ के समन्वय से नशामुक्ति केंद्रों का एक सुदृढ़ नेटवर्क स्थापित करने का निर्णय लिया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को मुंबई में बहुविषयक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। सरकारी अस्पतालों में नशामुक्ति उपचार के लिए विशेष बिस्तर आरक्षित किए जाएंगे।
कानूनी कार्रवाई: फास्ट-ट्रैक अदालतें और विशेष प्रशिक्षण
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम के तहत मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने हेतु विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें गठित की जाएंगी। अभियोजकों को दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, परिचालन ज़रूरतों के तहत जाँच अधिकारियों को हवाई यात्रा की अनुमति दी जाएगी — जो क्षेत्र-स्तरीय जाँच की गति बढ़ाने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है।
पुलिस को प्रोत्साहन और पुरस्कार योजना
पुलिस बल को ड्रग तस्करों का पता लगाने, आपूर्ति नेटवर्क का मानचित्रण करने और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में गश्त तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को 3 प्रतिशत वेतन अग्रिम और विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। नशीली दवाओं की बरामदगी में सहायक गोपनीय सूचना देने वाले नागरिकों के लिए भी एक पुरस्कार योजना शुरू की जाएगी।
2025 के आँकड़े: महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई
सरकार के अनुसार, वर्ष 2025 में महाराष्ट्र पुलिस ने 17,611 मामले दर्ज किए और ₹1,340 करोड़ मूल्य के 56,206 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए। इस दौरान कुल 15,994 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 72 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ये आँकड़े राज्य में नशे की समस्या की गहराई और कानून-प्रवर्तन की सक्रियता, दोनों को एक साथ रेखांकित करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के नए मार्ग उभर रहे हैं और तटीय राज्य विशेष रूप से संवेदनशील माने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस के इस व्यापक रोडमैप की सफलता अब इसके क्रियान्वयन की गति और विभागों के बीच वास्तविक समन्वय पर निर्भर करेगी।