17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र को नशामुक्त करने की मुहिम: CM फडणवीस ने दिए सख्त निर्देश, कक्षा 7 से पाठ्यक्रम में जागरूकता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र को नशामुक्त करने की मुहिम: CM फडणवीस ने दिए सख्त निर्देश, कक्षा 7 से पाठ्यक्रम में जागरूकता

सारांश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र को नशामुक्त बनाने के लिए बहुआयामी रणनीति पेश की — स्कूली पाठ्यक्रम से लेकर फास्ट-ट्रैक अदालतों तक। 2025 में ₹1,340 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त हो चुके हैं, फिर भी चुनौती बड़ी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 16 जुलाई को उच्चस्तरीय बैठक में महाराष्ट्र को नशामुक्त बनाने की व्यापक रणनीति की घोषणा की।
कक्षा 7 से 10 तक के पाठ्यक्रम में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर जागरूकता अध्याय जोड़े जाएंगे।
NDPS अधिनियम के तहत मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित होंगी।
उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों को 3% वेतन अग्रिम और मुखबिरों को पुरस्कार योजना का लाभ मिलेगा।
वर्ष 2025 में महाराष्ट्र पुलिस ने 17,611 मामले दर्ज कर ₹1,340 करोड़ मूल्य के 56,206 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए; 72 विदेशी नागरिकों सहित 15,994 आरोपी गिरफ्तार।
BMC को मुंबई में बहुविषयक नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने का निर्देश।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 16 जुलाई को मुंबई में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र को नशामुक्त बनाने के लिए व्यापक जन आंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को प्राकृतिक और कृत्रिम मादक पदार्थों की अवैध अर्थव्यवस्था — निर्माण, आपूर्ति और व्यापार — को जड़ से समाप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

शिक्षा में बदलाव: पाठ्यक्रम में नशा-विरोधी जागरूकता

फडणवीस ने घोषणा की कि कक्षा 7 से 10 तक के विद्यालयी पाठ्यक्रम में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्प्रभावों को शामिल किया जाएगा। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और महाविद्यालय निदेशकों को अपने परिसरों को औपचारिक रूप से नशामुक्त क्षेत्र घोषित करना अनिवार्य होगा। यह कदम नशे की लत को उसकी जड़ — युवा पीढ़ी — पर ही रोकने की रणनीति का हिस्सा है।

नशामुक्ति केंद्रों का सुदृढ़ नेटवर्क

सरकार ने गैर सरकारी संगठनों (NGO), चिकित्सा शिक्षा विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग और मादक पदार्थ विरोधी प्रकोष्ठ के समन्वय से नशामुक्ति केंद्रों का एक मज़बूत नेटवर्क खड़ा करने का निर्णय लिया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को मुंबई में बहुविषयक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, जबकि सरकारी अस्पतालों में नशामुक्ति उपचार के लिए विशेष बिस्तर आरक्षित किए जाएंगे।

कानूनी कार्रवाई: विशेष अदालतें और प्रशिक्षित अभियोजक

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम के तहत मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें गठित की जाएंगी। अभियोजकों को दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पुलिस को ड्रग तस्करों की पहचान करने, आपूर्ति नेटवर्क का मानचित्रण करने और उच्च जोखिम वाले इलाकों में गश्त तेज करने के निर्देश मिले हैं।

प्रोत्साहन योजना: मुखबिर से लेकर पुलिसकर्मी तक

नशीली दवाओं की बरामदगी में सहायक गोपनीय सूचना देने वाले नागरिकों के लिए एक पुरस्कार योजना शुरू की जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को 3 प्रतिशत वेतन अग्रिम और विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। परिचालन आवश्यकताओं के तहत जाँच अधिकारियों को हवाई यात्रा की अनुमति भी दी जाएगी।

2025 के आँकड़े: महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई

सरकार के अनुसार, वर्ष 2025 में महाराष्ट्र पुलिस ने 17,611 मामले दर्ज किए और ₹1,340 करोड़ मूल्य के 56,206 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए। कुल 15,994 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 72 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में नशे का नेटवर्क कितना व्यापक और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप वाला है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब महाराष्ट्र के तटीय और शहरी इलाकों में ड्रग तस्करी की घटनाएँ लगातार सुर्खियों में रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। 2025 में ₹1,340 करोड़ की जब्ती प्रभावशाली लगती है, पर यह राज्य में नशे की अर्थव्यवस्था की विशालता को भी रेखांकित करती है। स्कूली पाठ्यक्रम में जागरूकता जोड़ना दीर्घकालिक रूप से प्रभावी हो सकता है, किंतु नशामुक्ति केंद्रों की गुणवत्ता और फास्ट-ट्रैक अदालतों में रिक्त पदों की समस्या — जो महाराष्ट्र की न्यायिक प्रणाली में पुरानी है — इस योजना की सबसे बड़ी बाधाएँ बन सकती हैं। मुखबिर पुरस्कार योजना और पुलिस प्रोत्साहन स्वागतयोग्य हैं, परंतु बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र के ये महज कागज़ी वादे बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री फडणवीस की नशामुक्त महाराष्ट्र योजना में क्या-क्या शामिल है?
इस योजना में स्कूली पाठ्यक्रम में नशा-विरोधी जागरूकता, NDPS मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें, नशामुक्ति केंद्रों का नेटवर्क, मुखबिर पुरस्कार योजना और पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल हैं। BMC को मुंबई में बहुविषयक केंद्र स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है।
महाराष्ट्र के स्कूलों में नशा-विरोधी पाठ्यक्रम कब से लागू होगा?
घोषणा के अनुसार कक्षा 7 से 10 तक के पाठ्यक्रम में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर जागरूकता सामग्री जोड़ी जाएगी, हालाँकि लागू होने की सटीक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
2025 में महाराष्ट्र पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ कितनी कार्रवाई की?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 2025 में महाराष्ट्र पुलिस ने 17,611 मामले दर्ज किए, ₹1,340 करोड़ मूल्य के 56,206 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए और 72 विदेशी नागरिकों सहित 15,994 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
नशीली दवाओं की सूचना देने वाले नागरिकों को क्या मिलेगा?
सरकार एक पुरस्कार योजना शुरू करेगी जिसके तहत नशीली दवाओं की बरामदगी में सहायक गोपनीय जानकारी देने वाले नागरिकों को पुरस्कृत किया जाएगा। योजना का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
NDPS फास्ट-ट्रैक अदालतें क्यों ज़रूरी हैं?
NDPS अधिनियम के तहत मामले अक्सर नियमित अदालतों में वर्षों तक लंबित रहते हैं, जिससे दोषसिद्धि दर कम रहती है। विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें और प्रशिक्षित अभियोजक इस प्रक्रिया को तेज़ करने और दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए बनाए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले