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महाराष्ट्र में नशा तस्करी पर फडणवीस का कड़ा प्रहार: एंटी-ड्रग सेल, इनाम योजना और 'ड्रग-फ्री मुंबई' अभियान का ऐलान

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महाराष्ट्र में नशा तस्करी पर फडणवीस का कड़ा प्रहार: एंटी-ड्रग सेल, इनाम योजना और 'ड्रग-फ्री मुंबई' अभियान का ऐलान

सारांश

फडणवीस का यह ऐलान महज़ विधानसभाई बयानबाज़ी नहीं — MCOCA का ड्रग्स माफिया पर प्रयोग, पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की चेतावनी और 3,000 स्कूलों में जागरूकता अभियान मिलकर एक बहुस्तरीय रणनीति बनाते हैं। असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी, क्योंकि विपक्ष पुलिस-माफिया सांठगांठ के आरोप लगा रहा है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 23 जून 2026 को महाराष्ट्र विधानसभा में नशा तस्करी के विरुद्ध व्यापक सुधारों की घोषणा की।
शहरी और ग्रामीण थानों में विशेष एंटी-ड्रग सेल स्थापित होंगे; स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर दायरे से अवैध दुकानें हटाई जाएंगी।
जनवरी-अप्रैल 2026 में 1,142 मामले , 1,626 गिरफ्तारियाँ और ₹254.53 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त।
2025 में ANTF और पुलिस ने ₹523.17 करोड़ के जब्त मादक पदार्थ नष्ट किए; ANTF की सातों इकाइयाँ पूरी क्षमता से सक्रिय।
ड्रग्स तस्करों से मिलीभगत करने वाले पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की चेतावनी; 'ड्रग-फ्री मुंबई' अभियान और उच्चस्तरीय निगरानी समिति का गठन।
3,000 शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान; विश्वसनीय सूचना देने वाले नागरिकों के लिए गोपनीय इनाम योजना शुरू।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 23 जून 2026 को राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक संस्थागत सुधारों की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर अडिग है और दोषी पुलिसकर्मियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्य घोषणाएँ और सुधार

फडणवीस ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के पुलिस थानों में विशेष एंटी-ड्रग सेल और ड्रग जाँच सुविधाओं के विस्तार की घोषणा की। नगर निगमों और स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में स्थित अवैध दुकानें, खोखे और अतिक्रमण हटाएँ।

साइबर विभाग ड्रग्स की बिक्री के लिए उपयोग किए जा रहे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया चैनलों की निगरानी करेगा। शिक्षा और सामाजिक न्याय विभाग मिलकर 3,000 शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाएंगे। इसके अतिरिक्त, विश्वसनीय सूचना देने वाले नागरिकों के लिए इनाम योजना शुरू की गई है, जिसमें सूचनादाता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

MCOCA के प्रयोग पर सफाई

विपक्ष ने ड्रग्स मामलों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के उपयोग पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में फडणवीस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया मोहम्मद सलीम डोला उर्फ सलीम इस्माइल डोला की हालिया गिरफ्तारी का हवाला दिया।

उन्होंने तर्क दिया कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत गिरोहों के सरगना प्रायः कानूनी खामियों का फायदा उठाकर जमानत हासिल कर लेते हैं और अपने सहयोगियों के ज़रिए कारोबार जारी रखते हैं। उन्होंने कहा, 'ड्रग्स तस्करी अब कोई छोटा-मोटा स्थानीय अपराध या सिर्फ नशे का मामला नहीं रह गया है। यह पूरी तरह संगठित और आर्थिक रूप से मजबूत नेटवर्क है, जो अंडरवर्ल्ड माफिया की तरह काम करता है।'

कार्रवाई के आँकड़े

फडणवीस ने जनवरी से अप्रैल 2026 तक की कार्रवाई के आँकड़े सदन के सामने रखे। इस अवधि में व्यावसायिक मात्रा में ड्रग्स से जुड़े 1,142 मामले दर्ज किए गए और 1,626 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ₹254.53 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए। ड्रग्स सेवन से संबंधित 3,199 अतिरिक्त मामले भी इस दौरान दर्ज हुए।

गौरतलब है कि 2025 में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर ₹523.17 करोड़ मूल्य के जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया था। ANTF की सभी सात इकाइयाँ वर्तमान में पूरी क्षमता के साथ सक्रिय हैं।

विपक्ष की आपत्तियाँ

विपक्षी नेता जयंत पाटिल ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा वसूली और रिश्वतखोरी के कारण ड्रग्स गिरोहों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने ऑनलाइन ड्रग्स तस्करी पर चिंता जताते हुए प्रमुख अंतरराज्यीय बंदरगाहों पर महाराष्ट्र पुलिस की टीम तैनात करने की माँग की।

जीतेंद्र अव्हाड ने आरोप लगाया कि इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स कारोबार संस्थागत सहयोग के बिना संभव नहीं। सुनील प्रभु ने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद ड्रग्स की बिक्री मोहल्लों तक फैल चुकी है।

जवाबदेही और आगे की राह

पुलिस बल का बचाव करते हुए फडणवीस ने जवाबदेही की आवश्यकता भी स्वीकार की। उन्होंने कहा, 'जो भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ड्रग्स तस्करों के साथ मिलीभगत करते पाया जाएगा, उसे नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। विभाग के भीतर ऐसे लोगों के लिए हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पुलिसकर्मियों को केवल निलंबित नहीं, बल्कि सेवा से बर्खास्त किया जाएगा।

फडणवीस ने मुंबई को नशामुक्त बनाने के लिए 'ड्रग-फ्री मुंबई' अभियान चलाने और शहर में जागरूकता कार्यक्रमों की निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की भी घोषणा की। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब राज्य में ड्रग्स से जुड़े मामलों में संगठित अपराध का आयाम तेज़ी से बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष का पुलिस-माफिया सांठगांठ का आरोप उस बुनियादी विरोधाभास को उजागर करता है जिसे नई 'सेल' और 'समितियाँ' अकेले नहीं सुलझा सकतीं। MCOCA का उपयोग कानूनी रूप से सही हो सकता है, पर जब तक निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की जाँच के लिए स्वतंत्र तंत्र नहीं बनता, बड़ी जब्ती के आँकड़े असली सफलता का पैमाना नहीं बन सकते। ₹523 करोड़ के नष्ट किए गए मादक पदार्थ और बढ़ते मामले एक साथ बता रहे हैं कि आपूर्ति श्रृंखला अभी भी जीवित है — माँग और आपूर्ति दोनों पर एक साथ हमला किए बिना 'जीरो टॉलरेंस' सिर्फ नारा बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में नशा तस्करी के खिलाफ फडणवीस ने क्या नई घोषणाएँ कीं?
CM फडणवीस ने 23 जून 2026 को विधानसभा में एंटी-ड्रग सेल का विस्तार, स्कूलों के 100 मीटर दायरे से अवैध दुकानें हटाने, 3,000 संस्थानों में जागरूकता अभियान, गोपनीय इनाम योजना और 'ड्रग-फ्री मुंबई' अभियान की घोषणा की। दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की भी चेतावनी दी।
ड्रग्स मामलों में MCOCA का उपयोग क्यों किया जा रहा है?
फडणवीस ने बताया कि NDPS अधिनियम के तहत गिरोहों के सरगना कानूनी खामियों का फायदा उठाकर जमानत पा लेते हैं और सहयोगियों के ज़रिए कारोबार जारी रखते हैं। MCOCA के तहत संगठित अपराध का दर्जा मिलने से इन खामियों को रोका जा सकता है।
जनवरी-अप्रैल 2026 में महाराष्ट्र में ड्रग्स से जुड़ी कितनी कार्रवाई हुई?
इस अवधि में व्यावसायिक मात्रा में ड्रग्स के 1,142 मामले दर्ज हुए, 1,626 आरोपी गिरफ्तार किए गए और ₹254.53 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए। ड्रग्स सेवन से जुड़े 3,199 अतिरिक्त मामले भी दर्ज हुए।
विपक्ष ने ड्रग्स अभियान पर क्या आरोप लगाए हैं?
जयंत पाटिल ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी वसूली और रिश्वतखोरी के ज़रिए ड्रग्स गिरोहों को संरक्षण दे रहे हैं। जीतेंद्र अव्हाड ने कहा कि इतने बड़े पैमाने का ड्रग्स कारोबार संस्थागत सहयोग के बिना संभव नहीं।
'ड्रग-फ्री मुंबई' अभियान क्या है और इसकी निगरानी कौन करेगा?
यह मुंबई को नशामुक्त बनाने के लिए घोषित एक विशेष अभियान है, जिसकी निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। इसमें जागरूकता कार्यक्रम, साइबर निगरानी और एंटी-ड्रग सेल की सक्रिय भूमिका शामिल होगी।
राष्ट्र प्रेस
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