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महाराष्ट्र में गोहत्या-तस्करी पर मकोका: CM फडणवीस के फैसले को BJP-शिवसेना का पूर्ण समर्थन

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महाराष्ट्र में गोहत्या-तस्करी पर मकोका: CM फडणवीस के फैसले को BJP-शिवसेना का पूर्ण समर्थन

सारांश

महाराष्ट्र में CM फडणवीस ने गोहत्या और मवेशी तस्करी के आदतन अपराधियों पर मकोका लगाने का ऐलान किया — एक ऐसा कानून जो आमतौर पर संगठित अपराध गिरोहों पर लागू होता है। BJP और शिवसेना ने एकजुट होकर समर्थन दिया, जबकि सीमा चौकियों पर विशेष निगरानी के निर्देश भी जारी किए गए।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 22 मई को गोहत्या व मवेशी तस्करी के आदतन अपराधियों पर मकोका लगाने की घोषणा की।
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े और BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया।
राज्य की सीमा चौकियों पर विशेष सतर्कता जाँच लागू की जाएगी।
एजेयूपी प्रमुख हुमायूँ कबीर के बयान पर शिवसेना ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई।
यह घोषणा महायुति गठबंधन (BJP, शिवसेना, NCP-अजित गुट) की सरकार द्वारा की गई है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 22 मई को गोहत्या और मवेशी तस्करी के आदतन अपराधियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाने की घोषणा की। इस कड़े रुख को सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन — भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना — दोनों का खुला समर्थन मिला है। राज्य सरकार ने सीमा चौकियों पर निगरानी बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।

मुख्य घोषणाएँ और प्रावधान

फडणवीस सरकार के इस निर्णय के अनुसार, जो व्यक्ति बार-बार गोहत्या या मवेशी तस्करी में संलिप्त पाया जाएगा, उस पर मकोका के तहत मुकदमा दर्ज होगा — यह कानून सामान्यतः संगठित अपराध गिरोहों पर लागू किया जाता है। इसके अतिरिक्त, राज्य की सीमा चौकियों पर विशेष सतर्कता जाँच लागू की जाएगी। शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का समर्थन करता हूँ। गाय हमारी माता है और गायों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है... गाय तस्करी में शामिल सभी लोगों पर मकोका कानून लगाया जाएगा। बोर्डर पोस्ट पर विजिलेंस चेक लगाया जाएगा।'

BJP का रुख — दिल्ली से भी समर्थन

नई दिल्ली में BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भी फडणवीस के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'भारतीय संस्कृति में गाय को माँ का दर्जा दिया गया है... अगर कोई गायों की हत्या में शामिल पाया जाता है, तो उसे सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए और उस पर सबसे कड़े कानूनों के तहत केस दर्ज होना चाहिए। यह एक मिसाल बननी चाहिए।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में गोरक्षा से जुड़े मुद्दे राजनीतिक विमर्श में केंद्रीय स्थान ले रहे हैं।

एजेयूपी नेता के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने एजेयूपी प्रमुख हुमायूँ कबीर के एक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। हेगड़े के अनुसार, कबीर ने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में बकरियों, घोड़ों, गायों और ऊँटों की बलि देने की बात कही थी। हेगड़े ने कहा, 'आपको अपने धर्म मानने का अधिकार है, लेकिन दूसरे धर्म को ठेस पहुँचाने का अधिकार नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में गोहत्या के विरुद्ध कड़े कानूनी प्रावधान पहले से विद्यमान हैं और अब मकोका के प्रयोग से इन्हें और धार दी जाएगी।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब महायुति सरकार — जिसमें BJP, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) शामिल हैं — अपने हिंदुत्व एजेंडे को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। आलोचकों का कहना है कि मकोका जैसे कठोर कानून का उपयोग इस श्रेणी के अपराधों में न्यायिक जाँच के दायरे को लेकर सवाल खड़े करता है। आगे यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस घोषणा को किस गति और पारदर्शिता के साथ लागू करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न्यायिक निगरानी और अभियोजन डेटा सार्वजनिक किया जाएगा — या यह केवल राजनीतिक संदेश-प्रसारण तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में गोहत्या पर मकोका लगाने का क्या मतलब है?
मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) एक कड़ा कानून है जो संगठित अपराध गिरोहों पर लागू होता है। CM फडणवीस के अनुसार, गोहत्या और मवेशी तस्करी में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों पर अब इसी कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
शिवसेना और BJP ने इस फैसले पर क्या कहा?
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने फैसले को 'स्वागतयोग्य' बताते हुए कहा कि गाय की रक्षा करना सरकार का कर्तव्य है। BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दिल्ली से समर्थन देते हुए कहा कि गोहत्या में लिप्त लोगों पर सबसे कड़े कानून लागू होने चाहिए।
सीमा चौकियों पर निगरानी क्यों बढ़ाई जाएगी?
मवेशी तस्करी अक्सर राज्य की सीमाओं के पार होती है। सरकार ने बोर्डर पोस्ट पर विशेष सतर्कता जाँच लागू करने का निर्देश दिया है ताकि अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क पर अंकुश लगाया जा सके।
एजेयूपी प्रमुख हुमायूँ कबीर के बयान पर विवाद क्यों हुआ?
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े के अनुसार, हुमायूँ कबीर ने गायों सहित अन्य पशुओं की बलि देने का उल्लेख किया, जिसे हेगड़े ने 'बहुत गलत बयान' करार दिया और कहा कि दूसरे धर्म की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का अधिकार किसी को नहीं है।
महाराष्ट्र में गोहत्या के विरुद्ध पहले से क्या कानून हैं?
महाराष्ट्र में पहले से गोहत्या पर प्रतिबंध है और इसके उल्लंघन पर दंड का प्रावधान है। नई घोषणा के तहत आदतन अपराधियों पर अतिरिक्त रूप से मकोका लगाया जाएगा, जो मौजूदा कानूनी ढाँचे को और सख्त बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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