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गो-तस्करी पर मकोका: मंगल प्रभात लोढ़ा बोले — फडणवीस का फैसला देशहित में

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गो-तस्करी पर मकोका: मंगल प्रभात लोढ़ा बोले — फडणवीस का फैसला देशहित में

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने गो-तस्करी पर मकोका लगाने का ऐलान किया है — कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इसे देशहित का फैसला बताया और CM फडणवीस की तारीफ की। पालघर में मंत्री योगेश कदम ने भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र सरकार ने गो-तस्करी और अवैध पशु गतिविधियों पर मकोका (MCOCA) लागू करने का निर्णय लिया।
कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने 23 मई को इस फैसले को देशहित में बताया और CM देवेंद्र फडणवीस की सराहना की।
सरकार का लक्ष्य केवल तस्करों तक नहीं, बल्कि पूरे अवैध नेटवर्क तक पहुँचना है।
पालघर जिले में मंत्री योगेश रामदास कदम ने भी मकोका के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।

महाराष्ट्र सरकार ने गो-तस्करी और अवैध पशु गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लागू करने का निर्णय लिया है। इस कदम का स्वागत करते हुए राज्य के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने 23 मई को कहा कि यह फैसला पूरी तरह देशहित में है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राष्ट्रवादी सोच का प्रमाण है।

मंत्री लोढ़ा का बयान

लोढ़ा ने कहा, 'यह फैसला सिर्फ वही ले सकता है जो सच्चा देशभक्त हो।' उनके अनुसार मुख्यमंत्री फडणवीस शुरू से ही राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर काम करते आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से गो-भक्तों और देशभक्त नागरिकों में संतोष और खुशी का माहौल है।

नेटवर्क पर निशाना

मंत्री लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि सरकार का इरादा केवल प्रत्यक्ष तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे अवैध नेटवर्क को उखाड़ फेंकना है। उनके अनुसार ऐसे नेटवर्क में कई प्रकार के अवैध तत्व शामिल हो सकते हैं और उन सभी पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पालघर में भी सख्त रुख

पालघर जिले में राज्य मंत्री योगेश रामदास कदम ने भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति गो-हत्या या उससे जुड़ी अवैध गतिविधियों में लगातार संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध मकोका के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।

सरकार का रुख

महाराष्ट्र सरकार का मानना है कि गो-तस्करी जैसी गतिविधियाँ न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी गंभीर मुद्दा हैं। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह के अपराध की हिम्मत कोई न कर सके। आने वाले दिनों में इस दिशा में और ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष और नागरिक अधिकार समूह इसके दुरुपयोग की आशंका उठा सकते हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह कार्रवाई वास्तव में संगठित तस्करी नेटवर्क को तोड़ती है, या केवल छोटे अपराधियों तक सीमित रहती है। कानून का निष्पक्ष और पारदर्शी क्रियान्वयन ही इस निर्णय की विश्वसनीयता तय करेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में गो-तस्करी पर मकोका क्यों लगाया जा रहा है?
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि गो-तस्करी एक संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ी है, इसलिए इस पर मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य न केवल प्रत्यक्ष तस्करों, बल्कि पूरे अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई करना है।
मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस फैसले पर क्या कहा?
कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने 23 मई को कहा कि यह फैसला देशहित में है और इसे केवल एक सच्चा देशभक्त ही ले सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राष्ट्रवादी सोच की सराहना की।
पालघर में इस मामले में क्या कदम उठाए जाएंगे?
पालघर जिले में राज्य मंत्री योगेश रामदास कदम ने स्पष्ट किया है कि गो-हत्या या संबंधित अवैध गतिविधियों में लगातार संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों पर मकोका के तहत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
मकोका क्या है और यह सामान्य कानूनों से कैसे अलग है?
मकोका यानी महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम एक विशेष कानून है जो संगठित अपराध से निपटने के लिए बनाया गया था। इसके तहत जमानत मिलना कठिन होता है और सजा सामान्य आपराधिक कानूनों की तुलना में अधिक कड़ी होती है।
इस फैसले से किन लोगों पर असर पड़ेगा?
यह कदम उन सभी व्यक्तियों और नेटवर्क को प्रभावित करेगा जो गो-तस्करी, गो-हत्या या संबंधित अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। सरकार के अनुसार ऐसे नेटवर्क में विभिन्न प्रकार के अवैध तत्व शामिल हो सकते हैं जिन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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