गो तस्करों पर मकोका: संजय निरुपम का समर्थन, बोले- सीमाओं पर कड़ी निगरानी ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 23 मई को मुंबई में गो तस्करों के विरुद्ध महाराष्ट्र राज्य सरकार के कड़े रुख का खुलकर समर्थन किया और कहा कि ऐसे तस्करों पर 'कठोरतम कार्रवाई' होनी चाहिए। मुख्यमंत्री द्वारा गो तस्करी में लिप्त व्यक्तियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लागू करने की घोषणा का स्वागत करते हुए निरुपम ने कहा कि यदि इससे भी सख्त कोई कानून उपलब्ध हो तो उसे भी तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
मकोका के तहत कार्रवाई का स्वागत
निरुपम ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह फैसला गो तस्करों को एक 'मजबूत संदेश' देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में गो-हत्या के विरुद्ध पहले से कानून लागू है, फिर भी राज्य में बड़े पैमाने पर बीफ की बिक्री जारी है — जो मौजूदा कानूनी ढाँचे की कमज़ोरियों को उजागर करता है।
अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर चिंता
निरुपम के अनुसार, महाराष्ट्र से सटे गोवा और कर्नाटक जैसे राज्यों में बीफ का प्रचलन अधिक है, जिसके कारण अंतरराज्यीय स्तर पर पशु तस्करी एक संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए राज्य की सीमाओं पर कड़ी निगरानी और सख्त कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है।
हरभजन सिंह के AAP पर आरोप — निरुपम की तीखी प्रतिक्रिया
इसी बातचीत में निरुपम ने पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) पर राज्यसभा टिकट 'बेचने' के लगाए गए आरोपों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह ने एक गंभीर दावा किया है कि AAP पैसे के बदले राज्यसभा सीटें देती रही है, और यदि उन पर दबाव बढ़ा तो वे संबंधित नामों का खुलासा करेंगे।
निरुपम ने माँग की कि हरभजन सिंह अब खुलकर बताएँ कि किसने, किसको, कितने पैसे दिए और किन लोगों को राज्यसभा भेजा गया। उन्होंने AAP और उसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो लोग खुद को 'कट्टर ईमानदार' बताते थे, उनकी 'सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही है।'
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मकोका — जो मूलतः संगठित अपराध के विरुद्ध बनाया गया कानून है — का गो तस्करी पर प्रयोग एक नज़ीर स्थापित करेगा। आलोचकों का कहना है कि इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और न्यायिक निगरानी सुनिश्चित करना ज़रूरी होगा, ताकि कानून का दुरुपयोग न हो।
आगे क्या होगा
निरुपम ने स्पष्ट किया कि 'बॉल अब हरभजन सिंह के कोर्ट में है' और उन्हें तथ्यों व नामों के साथ अपने आरोपों को सार्वजनिक करना होगा। महाराष्ट्र सरकार के मकोका संबंधी आदेश के क्रियान्वयन पर भी आने वाले दिनों में स्पष्टता अपेक्षित है।