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बकरी व्यापारियों के लिए स्पष्ट नियम बनाए महाराष्ट्र सरकार: हाजी अराफात शेख की माँग

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बकरी व्यापारियों के लिए स्पष्ट नियम बनाए महाराष्ट्र सरकार: हाजी अराफात शेख की माँग

सारांश

BJP नेता हाजी अराफात शेख ने महाराष्ट्र सरकार से माँग की है कि बकरी व्यापारियों के लिए स्पष्ट परिवहन दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। मीरा भयंदर में वाहनों को रोककर की जा रही कार्रवाई से व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। संगठन जल्द सरकार को ज्ञापन सौंपेगा।

मुख्य बातें

हाजी अराफात शेख ने 25 मई 2025 को महाराष्ट्र सरकार से बकरी व्यापारियों के लिए स्पष्ट परिवहन नियम बनाने की माँग की।
मीरा भयंदर और आसपास के क्षेत्रों में बकरी ट्रकों को रोककर पशु परिवहन नियमों के तहत कार्रवाई का आरोप।
शेख के संगठन की सदस्य संख्या 1,300 से बढ़कर महाराष्ट्र में साढ़े सात लाख हुई।
ट्रांसपोर्ट चालकों को मराठी भाषा प्रशिक्षण देने की योजना; दोपहर के खाली समय में प्रशिक्षण का प्रस्ताव।
संगठन जल्द राज्य सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगा।

महाराष्ट्र राज्य मुस्लिम खटीक समाज के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हाजी अराफात शेख ने 25 मई 2025 को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महाराष्ट्र सरकार से बकरी व्यापारियों के लिए स्पष्ट परिवहन नियम बनाने की माँग की। उन्होंने कहा कि मीरा भयंदर और आसपास के क्षेत्रों में बकरों के परिवहन के दौरान व्यापारियों को अनावश्यक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।

बकरी परिवहन पर क्या है समस्या

शेख ने आरोप लगाया कि मीरा भयंदर सहित महाराष्ट्र के कई इलाकों में ट्रकों को रोककर बकरी व्यापारियों पर पशु परिवहन नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है, जिसे वे 'गलत और अनुचित' बताते हैं। उनके अनुसार, ये व्यापारी पूरे देश से बकरियाँ खरीदकर लाते हैं और ईद जैसे अवसरों पर उन्हें बेचते हैं — यही उनकी आजीविका का मुख्य आधार है।

उन्होंने कहा कि कई बार वाहनों को गौशाला भेज दिया जाता है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होता है और पशुओं की देखभाल भी ठीक से नहीं हो पाती। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर बकरी व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार और हिंसा की घटनाएँ भी सामने आई हैं।

सरकार से क्या माँग की गई

शेख ने सुझाव दिया कि सरकार को बकरी परिवहन के लिए एक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए, जिसमें वाहन क्षमता, वजन और परिवहन की शर्तें स्पष्ट रूप से परिभाषित हों। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नियमों के तहत केज सिस्टम या विशेष ढाँचा तैयार किया जाए, तो परिवहन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकता है।

उन्होंने प्रशासन से माँग की कि दुर्व्यवहार के मामलों की गंभीरता से जाँच हो और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। शेख ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी भी अवैध गतिविधि का समर्थन नहीं करता, लेकिन वैध व्यापार को परेशान करना उचित नहीं है।

ट्रांसपोर्ट सेक्टर और मराठी भाषा प्रशिक्षण

शेख ने बताया कि वे पिछले 21 वर्षों से ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके संगठन की शुरुआत लगभग 1,300 सदस्यों से हुई थी, जो अब बढ़कर पूरे महाराष्ट्र में लगभग साढ़े सात लाख सदस्यों तक पहुँच गई है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा का ज्ञान ट्रक, टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उनके संगठन ने दोपहर के खाली समय में चालकों को सरल मराठी सिखाने की योजना बनाई है, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। उन्होंने दावा किया कि सरकार इस दिशा में प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था पर विचार कर रही है।

आगे क्या होगा

शेख ने बताया कि उनका संगठन जल्द ही राज्य सरकार के संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात करेगा और बकरी परिवहन नियमों को लेकर एक ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इन समस्याओं का समाधान निकलेगा और व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अक्सर प्रवर्तन में मनमानेपन की जड़ बनती है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में पशु व्यापार से जुड़े कुरैशी समुदाय की आजीविका पर दबाव बढ़ रहा है। BJP के भीतर से यह आवाज़ उठना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि सत्ताधारी दल के अल्पसंख्यक प्रतिनिधि भी नीतिगत स्पष्टता की माँग कर रहे हैं। असली परीक्षा यह है कि सरकार केज सिस्टम और स्पष्ट दिशा-निर्देशों पर कितनी तेज़ी से कार्रवाई करती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाजी अराफात शेख ने महाराष्ट्र सरकार से क्या माँग की है?
हाजी अराफात शेख ने माँग की है कि सरकार बकरी परिवहन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, जिसमें वाहन क्षमता, वजन और परिवहन की शर्तें स्पष्ट हों। उन्होंने केज सिस्टम या विशेष ढाँचे की भी वकालत की है।
मीरा भयंदर में बकरी व्यापारियों को किस समस्या का सामना है?
मीरा भयंदर और आसपास के क्षेत्रों में बकरी ले जाने वाले ट्रकों को रोककर पशु परिवहन नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। शेख के अनुसार, कई बार वाहनों को गौशाला भेज दिया जाता है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होता है।
महाराष्ट्र मुस्लिम खटीक समाज संगठन कितना बड़ा है?
हाजी अराफात शेख के अनुसार, उनके संगठन की शुरुआत लगभग 1,300 सदस्यों से हुई थी, जो अब पूरे महाराष्ट्र में साढ़े सात लाख सदस्यों तक पहुँच गई है।
ट्रांसपोर्ट चालकों के लिए मराठी भाषा प्रशिक्षण की क्या योजना है?
शेख ने कहा कि ट्रांसपोर्ट यूनियन दोपहर के खाली समय में चालकों को सरल मराठी भाषा सिखाएगी, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। सरकार की ओर से प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
आगे क्या कदम उठाए जाएँगे?
शेख का संगठन जल्द ही राज्य सरकार के संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात करेगा और बकरी परिवहन नियमों को लेकर एक ज्ञापन सौंपेगा।
राष्ट्र प्रेस
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