बकरीद से पहले महाराष्ट्र में गोतस्करी विरोधी अभियान, 25–28 मई तक राज्यव्यापी जांच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने बकरीद 2025 से पहले गोवंश की अवैध तस्करी, अवैध बूचड़खानों और पशुओं के साथ क्रूर व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 24 मई को स्पष्ट चेतावनी दी कि गोमाता की तस्करी और अवैध कटाई किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभियान का दायरा और समयसीमा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर परिवहन विभाग ने पूरे महाराष्ट्र में 25 मई से 28 मई 2025 तक युद्धस्तर पर विशेष जांच अभियान चलाने के आदेश जारी किए हैं। सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों, उप-क्षेत्रीय अधिकारियों, सीमा जांच चौकियों और परिवहन विभाग की टीमों को इस अभियान में शामिल किया गया है।
परिवहन आयुक्त कार्यालय के निर्देशों के अनुसार, राज्य के सीमावर्ती इलाकों, मुंबई सहित प्रमुख शहरों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष नाकाबंदी एवं वाहन जांच की जाएगी। पशुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों के परमिट, प्रमाणपत्र और पशु कल्याण नियमों की गहन जांच की जाएगी।
कानूनी प्रावधान और कार्रवाई
मंत्री सरनाईक ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। नियमों के विरुद्ध पशु परिवहन करने वाले वाहनों को तत्काल जब्त किया जाएगा। अवैध बूचड़खानों तक पशुओं की आपूर्ति रोकने के लिए विशेष टीमें भी गठित की गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष त्योहारों के दौरान गोवंश की तस्करी में वृद्धि होती है। पशुओं को ठूंस-ठूंसकर वाहनों में भरना, उन्हें भूखा रखना और अमानवीय तरीके से परिवहन करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी आहत करता है।
सरकार की प्राथमिकता और राजनीतिक संदर्भ
मंत्री सरनाईक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रयासों से राज्य में देशी गाय को 'राज्यमाता' का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि गोमाता संरक्षण केवल कानूनी विषय नहीं, बल्कि हिंदुत्व और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रश्न है तथा सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी।
विभागीय समन्वय
इस अभियान में परिवहन विभाग के साथ स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, पशुपालन विभाग और विभिन्न गोसेवा एवं पशु कल्याण संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। सरकार ने अभियान के तहत की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों से मांगी है।
आगे क्या
28 मई 2025 तक चलने वाले इस विशेष अभियान की समाप्ति के बाद अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार इस अभियान को त्योहार के बाद भी जारी रखती है या यह केवल पर्व-विशेष कदम बनकर रह जाता है।