देवेंद्र फडणवीस ने असम में राजनीतिक एकता की अपील की: राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में एकजुट होने की जरूरत
सारांश
Key Takeaways
- फडणवीस ने असम में भाजपा की क्षेत्रीय पहचान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की बात की।
- विपक्ष पर विकास में विफल रहने का आरोप लगाया।
- राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- प्रधानमंत्री मोदी की असम के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया।
- कांग्रेस नेताओं की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
गुवाहाटी, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को असम के जोरहाट में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत असमिया अभिवादन और 'जय आई असम' के नारे से की, जिससे सांस्कृतिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टिकोण सशक्त हुए। जनसभा से उन्हें भरपूर समर्थन मिला।
फडणवीस ने असम की समृद्ध विरासत का जिक्र करते हुए मां कामाख्या, अहोम सेनापति लचित बोरफुकन और वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जो राष्ट्रीय एकता के साथ-साथ क्षेत्रीय पहचान का सम्मान और प्रचार करती है।
कांग्रेस को निशाना बनाते हुए फडणवीस ने कहा कि विपक्ष विकास और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने में विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए भी हमेशा जिम्मेदारी से काम किया है, वहीं कांग्रेस स्वार्थपूर्ण राजनीति में लिप्त रही है और गलत सूचनाओं के माध्यम से अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रही है।
वर्तमान वैश्विक स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी क्षेत्रों में युद्ध जैसी स्थिति और अस्थिरता को देखते हुए, भारत में राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश को मजबूत करने का समय है, न कि राजनीतिक लाभ के लिए इसे कमजोर करने का।
केंद्र सरकार द्वारा असम के साथ किए जा रहे जुड़ाव पर प्रकाश डालते हुए फडणवीस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य का 35 बार दौरा कर चुके हैं, जो क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस प्रधानमंत्रियों ने असम की उपेक्षा की थी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक मजबूत और स्थिर राष्ट्र के रूप में उभरा है, वहीं उन्होंने कांग्रेस पर झूठे दावे फैलाने का आरोप लगाया।
जोरहाट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने उनके निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ाव पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या सांसद बनने के बाद उन्होंने दस बार भी इस क्षेत्र का दौरा किया है।
रैली में भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने भी जनता से समर्थन मांगा और विश्वास जताया कि जोरहाट के मतदाता विकास के मुद्दे पर एक बार फिर भाजपा का समर्थन करेंगे।