रवि शास्त्री ने किया अंशुल कंबोज का बचाव: '4 छक्के खाने से ही सीखोगे, यॉर्कर होनी चाहिए थी'

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रवि शास्त्री ने किया अंशुल कंबोज का बचाव: '4 छक्के खाने से ही सीखोगे, यॉर्कर होनी चाहिए थी'

सारांश

4 छक्के खाना दर्दनाक था, लेकिन रवि शास्त्री के लिए यही सबसे बड़ी पाठशाला है। अंशुल कंबोज की महंगी गेंदबाजी के बाद शास्त्री का संदेश साफ है — यॉर्कर और सही लेंथ का बाउंसर ही जवाब था, और यह सबक मैदान पर ही मिलता है।

मुख्य बातें

रवि शास्त्री ने CSK के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज (25 वर्ष) का बचाव करते हुए कहा कि गलतियों से सीखना ही सबसे जरूरी है।
अंशुल कंबोज ने LSG के खिलाफ 2.4 ओवर में बिना विकेट लिए 63 रन लुटाए।
निकोलस पूरन ने कंबोज की गेंदों पर लगातार 4 छक्के जड़कर LSG को 7 विकेट से जीत दिलाई।
शास्त्री के अनुसार कंबोज को यॉर्कर और सिर की ऊंचाई पर बाउंसर का इस्तेमाल करना चाहिए था।
CSK के 12 मैचों में 12 अंक ; प्लेऑफ के लिए शेष दोनों मुकाबलों में जीत जरूरी।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज का खुलकर बचाव किया है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ हुई हार में कंबोज की महंगी गेंदबाजी की आलोचना के बीच शास्त्री ने कहा कि 25 वर्षीय इस गेंदबाज ने जो सबक सीखा है, वह किसी कोचिंग सेशन से नहीं मिल सकता था।

मैच में क्या हुआ

CSK बनाम LSG मुकाबले में अंशुल कंबोज अपने 2.4 ओवर के स्पेल में बिना कोई विकेट लिए 63 रन लुटा बैठे। LSG के विस्फोटक बल्लेबाज निकोलस पूरन ने कंबोज की गेंदों पर लगातार 4 छक्के जड़ते हुए लखनऊ को 7 विकेट से जीत दिला दी। इस हार के बावजूद CSK ने 187/5 का स्कोर खड़ा किया था, जिसमें कार्तिक शर्मा ने 71 रन और शिवम दुबे ने नाबाद 32 रन की पारी खेली।

शास्त्री का विश्लेषण: क्या होनी चाहिए थी रणनीति

शास्त्री ने 'जियोहॉटस्टार' से बातचीत में कंबोज की गेंदबाजी का विस्तृत विश्लेषण किया। उन्होंने कहा, 'चार छक्के लगने के बाद अंशुल कंबोज को क्या करना चाहिए था? मेरे हिसाब से उन्हें और यॉर्कर फेंकनी चाहिए थीं और स्टंप्स को टारगेट करना चाहिए था। जब आपको पता हो कि मार्श शॉर्ट बॉल का इंतजार कर रहे हैं, तो या तो यॉर्कर फेंकें या ऑफ स्टंप के बाहर बाउंसर फेंकें।'

शास्त्री ने आगे स्पष्ट किया कि बाउंसर की लेंथ भी अहम होती है। उनके अनुसार, 'बाउंसर सिर की ऊंचाई के करीब होनी चाहिए, छाती या कमर की ऊंचाई के करीब नहीं, क्योंकि मार्श जैसे खिलाड़ी उन गेंदों को खेलने में बहुत सहज होते हैं।' यह विश्लेषण दर्शाता है कि कंबोज को मैच के दौरान अपना प्लान समय रहते बदल लेना चाहिए था।

गलतियों से सीखना ही असली पाठशाला

पूर्व हेड कोच ने युवा गेंदबाज का बचाव करते हुए कहा, 'अगर उन्हें चार छक्के नहीं लगे होते, तो वह इससे कुछ नहीं सीखते। हर कोई गलतियां करता है, लेकिन उनसे सीखना सबसे जरूरी है।' शास्त्री की यह टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि मैदान पर मिली चुनौतियाँ ही किसी युवा खिलाड़ी को असली क्रिकेटर बनाती हैं।

CSK के लिए सकारात्मक पहलू

हार के बावजूद शास्त्री ने CSK की बल्लेबाजी की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'मैं फिर भी सीएसके के लिए इस गेम से सकारात्मक बातें लूंगा। यह आसान विकेट नहीं था और उन्होंने फिर भी 187 रन बनाए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ के फॉर्म में लौटने पर टीम को बड़ा फायदा होगा।

प्लेऑफ की राह और आगे क्या

फिलहाल CSK के 12 मुकाबलों में 12 अंक हैं। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए उन्हें अपने शेष दोनों मुकाबलों में जीत अनिवार्य है। शास्त्री को भरोसा है कि टीम सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अगले मैच में मजबूत वापसी करेगी। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सीएसके अगले मैच में अच्छी वापसी करेगी।' चेन्नई के घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा भी CSK को मिल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक बड़े सवाल को नजरअंदाज करता है — क्या IPL जैसे हाई-स्टेक्स टूर्नामेंट में 'सीखने की प्रक्रिया' का बोझ टीम के प्लेऑफ अभियान पर डालना उचित है? कंबोज की 2.4 ओवर में 63 रन की गेंदबाजी सिर्फ खराब दिन नहीं, बल्कि रणनीतिक लचीलेपन की कमी का संकेत है — जो T20 क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज के लिए बुनियादी जरूरत है। CSK के पास अब कोई गुंजाइश नहीं है; दोनों बचे मैच जीतने होंगे। ऐसे में 'सकारात्मक बातें' ढूंढना प्रेरक तो है, पर टीम प्रबंधन के लिए असली परीक्षा यह है कि वे कंबोज को अगले मैच से पहले किस तरह तैयार करते हैं।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रवि शास्त्री ने अंशुल कंबोज का बचाव क्यों किया?
शास्त्री ने कहा कि गलतियों से सीखना ही सबसे जरूरी होता है और चार छक्के खाने का अनुभव कंबोज को एक बेहतर गेंदबाज बनाएगा। उनके अनुसार, मैदान पर मिली कठिन परिस्थितियाँ युवा क्रिकेटरों को असली पाठ सिखाती हैं।
CSK बनाम LSG मैच में अंशुल कंबोज का प्रदर्शन कैसा रहा?
अंशुल कंबोज ने 2.4 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 63 रन दिए। निकोलस पूरन ने उनकी गेंदों पर लगातार 4 छक्के लगाए, जिससे LSG ने 7 विकेट से मैच जीत लिया।
शास्त्री के अनुसार कंबोज को क्या करना चाहिए था?
शास्त्री ने कहा कि जब मार्श शॉर्ट बॉल पर हमला कर रहे थे, तब कंबोज को यॉर्कर या सिर की ऊंचाई पर बाउंसर फेंकनी चाहिए थी। छाती या कमर की ऊंचाई पर बाउंसर मार्श जैसे बल्लेबाजों के लिए आसान होती है।
CSK को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए क्या करना होगा?
CSK के अभी 12 मैचों में 12 अंक हैं और प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए उन्हें अपने शेष दोनों मुकाबले जीतने होंगे। अगला मैच सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ है।
CSK की बल्लेबाजी में LSG के खिलाफ क्या सकारात्मक रहा?
शास्त्री ने बताया कि मुश्किल पिच पर CSK ने 187/5 का स्कोर बनाया, जो सकारात्मक संकेत है। कार्तिक शर्मा ने 71 रन और शिवम दुबे ने नाबाद 32 रन बनाए, जबकि संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ के फॉर्म में लौटने पर टीम और मजबूत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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