कान्स 2025 रेड कार्पेट पर हुमा कुरैशी की बनारसी साड़ी, 'बनारस के घाटों से फ्रेंच रिवेरा तक' लिखा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर पारंपरिक बनारसी साड़ी पहनकर सभी की नज़रें अपनी ओर खींच लीं, जब अधिकांश भारतीय अभिनेत्रियाँ वेस्टर्न परिधानों में नज़र आ रही थीं। 16 मई को उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपना यह लुक साझा किया, जिसमें सुनहरी पारंपरिक ज्वेलरी और हल्के मेकअप के साथ उनका देसी अंदाज़ फ्रांस की धरती पर छा गया।
बनारस से फ्रेंच रिवेरा तक का सफर
हुमा ने अपनी तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, 'बनारस के घाटों से लेकर फ्रेंच रिवेरा तक। एक ऐसा बुना हुआ परिधान पहनने में कुछ बेहद खास बात है, जो ऐसा महसूस कराता है मानो उसने सदियों का सफर तय किया हो।' उन्होंने फ्रांस में अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जहाँ चारों ओर सिनेमा और कहानियों का बोलबाला हो, वहाँ ऐसा परिधान पहनना जो खुद अपने आप में एक कहानी कहता हो — यह एक अलौकिक अनुभव है।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
अभिनेत्री ने अपनी साड़ी की विशेषता बताते हुए कहा, 'मुझे इसकी सबसे अच्छी बात यह लगती है कि यह एक ही समय में दो अलग-अलग रूपों को अपने अंदर समेटे हुए है। एक तरफ इसमें बनारसी बुनाई का पुराना और पारंपरिक अंदाज़ है, तो दूसरी तरफ इसके डिज़ाइनों में एक नयापन और आधुनिक टच देखने को मिलता है, जो इसे अनोखा बनाता है।' यह टिप्पणी कान्स के उस मंच पर और भी सार्थक हो जाती है, जहाँ भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान लगातार मज़बूत हो रही है।
सेलेब्स और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
हुमा के इस देसी लुक ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियाँ बटोरीं। फ़िल्मकार ताहिरा कश्यप, गायिका अकाशा और अभिनेत्री तिलोतमा समेत कई हस्तियों ने कमेंट सेक्शन में अपनी प्रतिक्रिया दी। गौरतलब है कि कान्स के रेड कार्पेट पर भारतीय परंपरागत पोशाक पहनने की परंपरा हाल के वर्षों में एक सांस्कृतिक कूटनीति का रूप लेती जा रही है।
आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' में अहम भूमिका
हुमा कुरैशी जल्द ही अभिनेता यश की बहुचर्चित पीरियड गैंगस्टर ड्रामा फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' में 'एलिज़ाबेथ' का किरदार निभाती नज़र आएंगी। निर्देशक गीतु मोहनदास के निर्देशन में बन रही यह फिल्म 1940 से 1970 के दशक के बीच गोवा की पृष्ठभूमि पर आधारित एक डार्क गैंगस्टर ड्रामा है, जिसमें क्राइम सिंडिकेट्स, ड्रग तस्करी और सत्ता की लड़ाई को केंद्र में रखा गया है। फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, तारा सुतारिया और रुक्मणी वसंत भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
कान्स के मंच से हुमा का यह सांस्कृतिक संदेश बॉलीवुड की उस बढ़ती प्रवृत्ति को रेखांकित करता है, जहाँ वैश्विक मंचों पर भारतीय पहचान को गर्व के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।