तेलंगाना में 12 जून को स्कूली छात्रों को नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ, रेवंत रेड्डी का बड़ा कदम
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के स्कूली छात्र 12 जून 2026 को स्कूलों के पुनः खुलने के अवसर पर तंबाकू, शराब और मादक पदार्थों से दूर रहने की सामूहिक नशा मुक्ति शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार रात हैदराबाद के लोक भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मुलाकात कर उन्हें इस विशेष छात्र सम्मेलन में आमंत्रित किया। यह आयोजन राज्यपाल के उस सुझाव के अनुरूप है जो उन्होंने मुख्यमंत्री को पहले दिया था।
कार्यक्रम में क्या होगा
इस सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार छात्रों को सामूहिक शपथ दिलाएगी, जिसमें उनसे तंबाकू, शराब और मादक पदार्थों से दूर रहने तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में व्यवहार करने का आग्रह किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्यपाल को यह भी बताया कि उसी दिन छात्रों को वर्दी, पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, स्कूल बैग, खेल सामग्री और अन्य आवश्यक सामग्री से युक्त किट वितरित की जाएंगी।
संयुक्त प्रशासनिक तैयारी
यह सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह विद्यालय शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग और नशा-विरोधी बल ईगल के तत्वावधान में संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। स्कूल और कॉलेज प्रबंधन को छात्रों को नशे और अन्य व्यसनों से बचाने के लिए निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे। यह पहल शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और प्रबंधन की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल देती है।
शिक्षा सप्ताह और नई पहलें
इससे पहले मुख्यमंत्री ने 99 दिवसीय कार्य योजना 'प्रजा पालन-प्रगति प्रणालीका' के अंतर्गत शिक्षा सप्ताह के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया और एलबी स्टेडियम में लगाए गए स्टालों का भ्रमण किया। उन्होंने क्यूआरई क्षेत्र में ₹1,011 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले यंग इंडिया इंटीग्रेटेड स्कूल की आधारशिला भी रखी। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सरकारी शिक्षकों और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए छात्रों को नकद पुरस्कार भी वितरित किए गए।
शिक्षा बजट में बड़ा इजाफा
शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि सरकार ने राज्य बजट का 8 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया है, जिसे आने वाले वर्षों में बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने नर्सरी से 12वीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में शिक्षा शुरू करने और सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को नाश्ता उपलब्ध कराने की पहल का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों को इतना सशक्त बनाया जाना चाहिए कि वे निजी संस्थानों से प्रतिस्पर्धा कर सकें।
आगे की राह
यह कार्यक्रम तेलंगाना में युवाओं को नशे की लत से बचाने की दिशा में एक ठोस नीतिगत कदम के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि राज्यपाल के सुझाव को इतनी तत्परता से लागू करना राज्य सरकार और राजभवन के बीच सकारात्मक समन्वय को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस पहल का विस्तार अन्य शैक्षणिक गतिविधियों तक भी होने की संभावना है।