तेलंगाना में शिक्षा में सुधार के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के ठोस प्रयास
सारांश
Key Takeaways
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
- गरीब समुदायों के लिए शिक्षा के अवसर में वृद्धि
- सरकारी कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण
- अनुसूचित जाति वर्गीकरण लागू किया गया
- वित्तीय प्रणाली में सुधार की आवश्यकता
हैदराबाद, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को बताया कि उनकी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे के समुदाय केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से ही आगे बढ़ सकते हैं, और इसी कारण से सरकार शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में कार्य कर रही है।
एक कार्यक्रम में, जो मदिगा कर्मचारी समन्वय समिति द्वारा आयोजित था, उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा उपकरण है जो जीवन को बदल सकता है। इस मौके पर, अनुसूचित जाति वर्गीकरण को कानूनी मान्यता देने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद तेलंगाना ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने अनुसूचित जाति वर्गीकरण को लागू किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वर्गीकरण से सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। पदोन्नति, उच्च शिक्षा के अवसर, भूमि संबंधी मुद्दे और आवंटित भूमि की सुरक्षा जैसे मुद्दों का समाधान निरंतर प्रयासों से ही संभव है।
उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, उन्हें सरकार की आँखें, कान और ब्रांड एंबेसडर बताया। उन्होंने 99 दिवसीय प्रजा पालन-प्रगति प्रणालिका कार्यक्रम का उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत सरकार कई विकास योजनाएं लागू कर रही है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए मेहनत करनी चाहिए कि राशन कार्ड हर गरीब परिवार तक पहुँचें और उत्तम चावल वितरण, इंदिराम्मा आवास और फ्री बिजली जैसी योजनाएं पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हर महीने लगभग 1,000 सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं, जिसके चलते सरकार को हर महीने सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में लगभग 1,000 करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की वित्तीय प्रणाली में सुधार करना सरकारी कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी है। अनियमितताओं को रोककर और सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा करके, धन का उपयोग अधिक से अधिक लोगों के लाभ के लिए किया जा सकता है।