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एमसीडी उप-महापौर चुनाव: भाजपा की मोनिका पंत विजयी, प्रवेश वाही बने नए मेयर

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एमसीडी उप-महापौर चुनाव: भाजपा की मोनिका पंत विजयी, प्रवेश वाही बने नए मेयर

सारांश

दिल्ली नगर निगम में भाजपा का दबदबा पूरी तरह कायम — मेयर पद पर प्रवेश वाही और उप-महापौर पद पर मोनिका पंत की जीत के साथ। आप के चुनाव न लड़ने और कांग्रेस को केवल 9 वोट मिलने से यह मुकाबला लगभग एकतरफा रहा।

मुख्य बातें

मोनिका पंत ( आनंद विहार वार्ड , पूर्वी दिल्ली) ने 29 अप्रैल 2026 को एमसीडी उप-महापौर पद जीता।
प्रवेश वाही ( रोहिणी ईस्ट वार्ड , तीन बार के पार्षद) दिल्ली के नए मेयर निर्वाचित हुए।
मेयर चुनाव में कुल 165 वोट पड़े — भाजपा को 156 , कांग्रेस को 9 ।
आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया; सौरभ भारद्वाज ने यह घोषणा की।
कांग्रेस ने मेयर पद के लिए हाजी जरीफ और उप-महापौर के लिए राजेश कुमार गुप्ता को उतारा था।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के उप-महापौर पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार मोनिका पंत ने 29 अप्रैल 2026 को जीत दर्ज की। इससे पहले उसी दिन हुए मेयर चुनाव में भाजपा के प्रवेश वाही ने भी जीत हासिल की, जिससे दिल्ली नगर निगम में भाजपा का पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो गया।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार को एमसीडी में मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों के लिए मतदान आयोजित किया गया। इस बार आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया, जिसके बाद मुकाबला सीधे भाजपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच रह गया। मेयर पद पर भाजपा ने प्रवेश वाही को, जबकि कांग्रेस ने हाजी जरीफ को उम्मीदवार बनाया था। उप-महापौर पद के लिए भाजपा की ओर से मोनिका पंत और कांग्रेस की ओर से राजेश कुमार गुप्ता मैदान में थे।

मतदान के आँकड़े

दिल्ली मेयर चुनाव में कुल 165 वोट डाले गए, जिनमें से भाजपा को 156 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को केवल 9 वोट ही मिल सके। भाजपा के पास पर्याप्त बहुमत होने और आप के चुनाव न लड़ने के कारण प्रवेश वाही बिना किसी कड़ी चुनौती के दिल्ली के नए मेयर निर्वाचित हुए।

कौन हैं प्रवेश वाही और मोनिका पंत

प्रवेश वाही (59 वर्ष) रोहिणी ईस्ट वार्ड से तीन बार के पार्षद हैं और वर्तमान में एमसीडी में सदन के नेता के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 2022 के नगर निगम चुनावों में भारी बहुमत से जीत दर्ज की थी। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। भाजपा ने 23 अप्रैल को नामांकन के अंतिम दिन उन्हें महापौर पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

वहीं, मोनिका पंत पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार वार्ड से भाजपा पार्षद हैं और पेशे से डॉक्टर हैं। उनकी जीत के साथ भाजपा ने एमसीडी के दोनों प्रमुख पदों पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है।

आप का रुख और राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि दिल्ली आम आदमी पार्टी के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने इस सप्ताह की शुरुआत में ही घोषणा कर दी थी कि पार्टी महापौर चुनाव नहीं लड़ेगी। यह ऐसे समय में आया है जब आप दिल्ली विधानसभा चुनावों में हार के बाद राजनीतिक पुनर्गठन के दौर से गुज़र रही है। आप की अनुपस्थिति ने मुकाबले को काफी हद तक एकतरफा बना दिया।

आगे की राह

नवनिर्वाचित मेयर प्रवेश वाही और उप-महापौर मोनिका पंत के सामने दिल्ली में सफाई, जल आपूर्ति और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी चुनौतियाँ प्रमुख होंगी। भाजपा के एमसीडी पर पूर्ण नियंत्रण के साथ अब यह देखना होगा कि पार्टी अपने चुनावी वादों को किस हद तक अमल में लाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एकतरफा समर्थन का प्रमाण है। असली सवाल यह है कि भाजपा अब एमसीडी पर पूर्ण नियंत्रण के साथ दिल्ली की बुनियादी नागरिक समस्याओं — सफाई, जल संकट, अवैध निर्माण — पर कितनी जवाबदेही दिखाती है। आप का यह बहिष्कार रणनीतिक कमज़ोरी है या सोची-समझी चाल, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमसीडी उप-महापौर चुनाव 2026 में कौन जीता?
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार मोनिका पंत ने 29 अप्रैल 2026 को एमसीडी उप-महापौर पद का चुनाव जीता। वे पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार वार्ड से भाजपा पार्षद और पेशे से डॉक्टर हैं।
दिल्ली के नए मेयर कौन बने हैं?
प्रवेश वाही दिल्ली के नए मेयर निर्वाचित हुए हैं। वे रोहिणी ईस्ट वार्ड से तीन बार के पार्षद हैं और आरएसएस की पृष्ठभूमि से जुड़े हैं।
आम आदमी पार्टी ने एमसीडी मेयर चुनाव क्यों नहीं लड़ा?
दिल्ली आप के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने घोषणा की कि पार्टी महापौर चुनाव नहीं लड़ेगी। हालाँकि इसके विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए, यह निर्णय विधानसभा चुनावों में हार के बाद पार्टी के राजनीतिक पुनर्गठन के संदर्भ में आया।
एमसीडी मेयर चुनाव में कितने वोट पड़े और भाजपा को कितने मिले?
मेयर चुनाव में कुल 165 वोट डाले गए, जिनमें से भाजपा को 156 और कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जरीफ को केवल 9 वोट मिले। भाजपा की भारी जीत मुख्यतः आप की अनुपस्थिति के कारण संभव हुई।
राष्ट्र प्रेस
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