दिल्ली मेयर चुनाव: भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वाही ने 'आप' को कहा 'थैंक यू', बोले — सही फैसला लिया
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वाही ने 'आप' के 26 अप्रैल का मेयर चुनाव न लड़ने के फैसले पर व्यंग्यात्मक 'थैंक यू' कहा।
- आप के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी भाजपा को फिर से नाकाम होते देखने के लिए चुनाव से दूर रह रही है।
- मौजूदा मेयर राजा इकबाल सिंह ने 'अंगूर खट्टे हैं' कहावत से 'आप' की मंशा पर सवाल उठाया।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि 'आप' का यह फैसला पार्टी की अंदरूनी कलह और शर्मिंदगी के डर का नतीजा है।
- दिल्ली भाजपा ने उप-मेयर पद के लिए मोनिका पंत (वार्ड नंबर 206, आनंद विहार) को नामित किया है।
- 26 अप्रैल 2025 को होने वाले मेयर चुनाव में प्रवेश वाही की जीत लगभग निश्चित मानी जा रही है।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल: दिल्ली मेयर चुनाव 2025 से पहले राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक मेयर उम्मीदवार प्रवेश वाही ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा तंज कसा। 'आप' ने घोषणा की थी कि वह 26 अप्रैल को होने वाला यह चुनाव नहीं लड़ेगी। वाही ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि भाजपा के पास पहले से ही पूर्ण बहुमत है, फिर भी वे 'आप' के इस फैसले के लिए उनके 'आभारी' हैं।
वाही का 'थैंक यू' वाला तंज
प्रवेश वाही ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हम उनका ('आप' का) शुक्रिया अदा करते हैं। भले ही हमारे पास पूर्ण बहुमत है, फिर भी हम उनके फैसले को विनम्रता से स्वीकार करते हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि "लोकतंत्र में अपनी स्थिति को भांपते हुए 'आप' ने एक सही फैसला लिया है।" यह बयान सीधे तौर पर 'आप' की राजनीतिक कमज़ोरी की ओर इशारा करता है।
वाही वार्ड नंबर 53 (रोहिणी ईस्ट) से पार्षद हैं और अब मेयर पद की दौड़ में निर्विरोध जीत की स्थिति में हैं। दिल्ली भाजपा ने उप-मेयर पद के लिए मोनिका पंत को नामित किया है, जो वार्ड नंबर 206 (आनंद विहार) से पार्षद हैं।
'आप' का पक्ष — नाकामी उजागर करने की रणनीति
दिल्ली 'आप' के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने इस सप्ताह की शुरुआत में चुनाव न लड़ने की घोषणा की थी। उनका तर्क था कि पार्टी भाजपा को नागरिक निकाय में काम करने का एक और अवसर देना चाहती है — ताकि वह फिर से विफल हो और दिल्लीवासियों के सामने उसका असली चेहरा सामने आए।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र में यह बयान एक रणनीतिक बचाव का तरीका भी हो सकता है। फरवरी 2025 के विधानसभा चुनावों में 'आप' को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पार्टी की साख को गहरा धक्का लगा। ऐसे में नगर निगम चुनाव में उतरकर एक और संभावित हार झेलना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से और भी नुकसानदेह हो सकता था।
मौजूदा मेयर राजा इकबाल सिंह का 'खट्टे अंगूर' वाला तंज
मौजूदा मेयर और भाजपा नेता राजा इकबाल सिंह ने भी 'आप' के फैसले पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, "एक कहावत है — अंगूर खट्टे हैं। 'आप' के पास बहुमत नहीं है, इसलिए उन्होंने अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए चुनाव लड़ने से मना कर दिया।"
हालांकि सिंह ने यह भी अपील की कि अलग-अलग पार्टियों के पार्षद एक टीम की तरह काम करें, "ताकि हम भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के साथ मिलकर दिल्ली को साफ और हरा-भरा बना सकें।"
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आरोप — अंदरूनी कलह और राजनीतिक शर्मिंदगी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई मौकों पर 'आप' को निशाना बनाया है। उनका दावा है कि यह फैसला पार्टी के अंदरूनी झगड़ों और राजनीतिक शर्मिंदगी के डर से प्रेरित लगता है। यह बयान इस ओर इशारा करता है कि भाजपा 'आप' की इस चुप्पी को कमज़ोरी के रूप में प्रचारित करने की पूरी कोशिश कर रही है।
प्रवेश वाही ने इस अवसर के लिए भाजपा नेतृत्व और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "हम दिल्ली के लोगों के लिए मिलकर काम करेंगे और उन परियोजनाओं को तेजी से लागू करेंगे जिनसे आम जनता को फायदा होगा।"
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। फरवरी 2025 के विधानसभा चुनावों में 'आप' की भारी हार के बाद पार्टी पहले से ही राजनीतिक दबाव में है। ऐसे में नगर निगम स्तर पर भी हार एक और झटका होती।
26 अप्रैल 2025 को होने वाले मेयर चुनाव में अब प्रवेश वाही की जीत लगभग तय मानी जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नए मेयर के नेतृत्व में दिल्ली नगर निगम किस दिशा में काम करता है और क्या भाजपा अपने विकास के वादों को जमीन पर उतार पाती है।