भारत-स्पेन व्यापार वार्ता: पीयूष गोयल ने मैड्रिड में की अहम बैठक, EU-FTA को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार, 13 जुलाई को मैड्रिड में स्पेन के अर्थव्यवस्था मंत्री कार्लोस कुएर्पो से मुलाकात की और भारत-स्पेन आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने के लिए व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक गोयल की स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड की पाँच दिवसीय (13 से 17 जुलाई) यूरोप यात्रा के पहले पड़ाव के रूप में हुई।
बातचीत के मुख्य बिंदु
दोनों मंत्रियों के बीच हुई वार्ता में नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढाँचा और नवाचार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को शीघ्र अंतिम रूप देने की दिशा में भी विचार-विमर्श किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-EU FTA वार्ता तेज़ी पकड़ रही है और दोनों पक्ष समझौते को जल्द से जल्द लागू करने के पक्ष में हैं।
स्पेन में प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठकें
मैड्रिड प्रवास के दौरान गोयल की स्पेन के उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहेर तथा विदेश, EU एवं सहयोग मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस बुएनो के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त, वे भारत-स्पेन बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें स्पेन की प्रमुख कंपनियाँ और उद्योग संगठन भाग लेंगे। इस मंच का उद्देश्य भारत में निवेश के अवसरों को उजागर करना और दोनों देशों के व्यवसायों के बीच बी2बी (Business-to-Business) साझेदारी को प्रोत्साहित करना है।
यात्रा का व्यापक उद्देश्य
एक उच्चस्तरीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ निकली इस यात्रा का केंद्रीय लक्ष्य यूरोप के साथ भारत की आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करना है। आधिकारिक बयान के अनुसार, व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) के क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। गौरतलब है कि यह यात्रा भारत-EU FTA वार्ता में तेज़ी के बीच हो रही है, जो इसे कूटनीतिक दृष्टि से विशेष महत्त्वपूर्ण बनाती है।
मोदी-सांचेज़ बैठक की पृष्ठभूमि
इस वर्ष फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ से द्विपक्षीय वार्ता की थी। उस बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और शिक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। मोदी ने उस अवसर पर भारत-EU संबंधों को मज़बूत बनाने में स्पेन के निरंतर समर्थन की सराहना भी की थी। गोयल की मौजूदा यात्रा उसी उच्चस्तरीय राजनयिक गति को व्यावहारिक धरातल पर आगे बढ़ाने की कड़ी मानी जा रही है।
आगे क्या
स्पेन के बाद गोयल का प्रतिनिधिमंडल बेल्जियम और फिनलैंड का दौरा करेगा, जहाँ EU संस्थाओं और स्थानीय उद्योग जगत के साथ बैठकें अपेक्षित हैं। यात्रा के परिणाम भारत-EU FTA वार्ता की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।