2 जुलाई 2026
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम दौर में: पीयूष गोयल बोले — प्रतिस्पर्धियों से बेहतर शर्तें मिलेंगी

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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम दौर में: पीयूष गोयल बोले — प्रतिस्पर्धियों से बेहतर शर्तें मिलेंगी

सारांश

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अंतिम दौर में है — रियायतों पर सहमति बन चुकी है और IEEPA टैरिफ रद्द होने के बाद भी भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही भारत-ब्रिटेन FTA 15 जुलाई से लागू होगा और EU समझौता वर्ष के अंत तक संभव है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 2 जुलाई 2026 को कहा कि भारत-अमेरिका BTA पर बातचीत अंतिम चरण में है और अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
USTR राजदूत जैमीसन ग्रीर ने वार्ता में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त की माँग को स्वीकार किया है।
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारत का वस्तु निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15% बढ़ने का अनुमान।
भारत-ब्रिटेन FTA 15 जुलाई 2026 से लागू होगा, भारतीय निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे।
भारत-EU FTA की कानूनी जाँच 10-12 दिनों में पूरी होगी; 27 EU सदस्य देशों का समर्थन, वर्ष के अंत तक लागू होने की उम्मीद।
गोयल ने जापान को भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति में महत्वपूर्ण भागीदार बताया; व्यापार और तकनीक सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 2 जुलाई 2026 को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत निर्णायक चरण में पहुँच चुकी है। अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और दोनों देश एक ऐसे समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जो भारत को उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर बाज़ार पहुँच और व्यापारिक लाभ दिलाएगा।

वार्ता की मौजूदा स्थिति

नई दिल्ली में एनडीटीवी इंडो-जापान स्ट्रैटेजिक डायलॉग में बोलते हुए गोयल ने कहा, 'हमें अमेरिका के साथ किसी तरह की कठिनाई नहीं दिख रही है। रियायतों और अन्य अधिकांश पहलुओं पर लगभग सहमति बन चुकी है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन में हालिया कानूनी और नीतिगत घटनाक्रमों के बावजूद समझौते की राह में कोई बड़ी अड़चन नहीं है।

गोयल ने बताया कि भारत ने लगातार यह माँग रखी है कि उसे वियतनाम, बांग्लादेश और अन्य प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अमेरिकी बाज़ार में अधिक अनुकूल शर्तें मिलें। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) राजदूत जैमीसन ग्रीर ने वार्ता के दौरान भारत की इस स्थिति को स्वीकार किया है।

IEEPA टैरिफ रद्द होने के बाद की स्थिति

अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियाँ अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद उत्पन्न स्थिति पर गोयल ने कहा कि अमेरिका अब एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है। इस नई व्यवस्था में भी भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने का प्रावधान होगा।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार पुनर्संरेखण तेज़ हो रहा है और कई देश अमेरिका के साथ अपनी शर्तें बेहतर करने की कोशिश में हैं। गौरतलब है कि भारत का अमेरिका को निर्यात उच्च टैरिफ के बावजूद मज़बूत बना हुआ है।

निर्यात वृद्धि का अनुमान

वाणिज्य मंत्री ने अनुमान जताया कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान भारत का वस्तु निर्यात (मर्चेंडाइज़ एक्सपोर्ट्स) पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत बढ़ेगा। उन्होंने इसे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की मज़बूती का प्रमाण बताया।

भारत-ब्रिटेन और भारत-EU समझौतों की स्थिति

गोयल ने बताया कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई 2026 से लागू हो जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए ब्रिटिश बाज़ार में नए अवसर खुलेंगे।

भारत-यूरोपीय संघ (EU) FTA की कानूनी जाँच अगले 10 से 12 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद यह अनुमोदन प्रक्रिया में जाएगा। गोयल ने विश्वास जताया कि EU के सभी 27 सदस्य देशों के समर्थन को देखते हुए यह समझौता वर्ष 2026 के अंत तक लागू हो जाएगा।

भारत-जापान साझेदारी पर ज़ोर

गोयल ने भारत-जापान संबंधों को लेकर कहा कि अब तक इस साझेदारी का मुख्य आधार निवेश रहा है, लेकिन अब इसे व्यापार, प्रौद्योगिकी सहयोग और कुशल कार्यबल के क्षेत्रों तक विस्तारित करने की ज़रूरत है। उन्होंने जापान को भारत की दीर्घकालिक आर्थिक विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार बताया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत-अमेरिका BTA समय पर संपन्न होता है, तो यह भारतीय वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के वार्ताकारों की बैठकें इस दिशा में निर्णायक होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन IEEPA टैरिफ के रद्द होने के बाद अमेरिका की 'वैकल्पिक व्यवस्था' अभी तक अस्पष्ट है, और उसी पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त टिकी है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह समझौता केवल बाज़ार पहुँच का वादा करता है या बाध्यकारी टैरिफ दरों और सत्यापन-योग्य लाभों की गारंटी भी देता है। भारत-ब्रिटेन FTA के 15 जुलाई से लागू होने और EU समझौते के करीब आने के साथ, भारत की बहुपक्षीय व्यापार कूटनीति एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है — यह ताकत भी है और जोखिम भी, क्योंकि किसी एक मोर्चे पर ठहराव बाकी वार्ताओं की गति को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) क्या है और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
भारत-अमेरिका BTA दोनों देशों के बीच एक व्यापक व्यापार समझौता है जो टैरिफ रियायतों, बाज़ार पहुँच और व्यापारिक शर्तों को परिभाषित करेगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, 2 जुलाई 2026 तक अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और वार्ता अंतिम चरण में है।
IEEPA टैरिफ रद्द होने से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर क्या असर पड़ा?
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ रद्द किए जाने के बाद अमेरिका एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है। गोयल ने कहा कि इस नई व्यवस्था में भी भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखी जाएगी।
भारत-ब्रिटेन FTA कब से लागू होगा और इसका क्या फायदा होगा?
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। इससे भारतीय निर्यातकों को ब्रिटिश बाज़ार में नए व्यापारिक अवसर मिलेंगे और शुल्क संबंधी बाधाएँ कम होंगी।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता कब तक पूरा होने की उम्मीद है?
गोयल के अनुसार, भारत-EU FTA की कानूनी जाँच अगले 10 से 12 दिनों में पूरी होगी और इसके बाद अनुमोदन प्रक्रिया शुरू होगी। EU के सभी 27 सदस्य देशों के समर्थन को देखते हुए यह समझौता वर्ष 2026 के अंत तक लागू होने की उम्मीद है।
भारत का अमेरिका को निर्यात कितना बढ़ने का अनुमान है?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अनुमान जताया कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारत का वस्तु निर्यात पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च टैरिफ के बावजूद भारत का अमेरिका को निर्यात मज़बूत बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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