यूएस ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर नई दिल्ली पहुँचे, पीयूष गोयल बोले — भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर होगी ठोस बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 23 जून 2025 को यूएस ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के भारत दौरे पर उनका स्वागत करते हुए कहा कि आगामी वार्ता में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सार्थक चर्चा होने की उम्मीद है। नई दिल्ली में आयोजित इस मंत्रिस्तरीय बैठक को दोनों देशों के बीच चल रही अंतरिम व्यापार समझौते की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की पोस्ट को उद्धृत करते हुए लिखा, 'यूएस ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर एवं प्रतिनिधिमंडल का भारत के वाणिज्य विभाग में स्वागत है। भारत-अमेरिका के बीच आगामी चर्चा में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सार्थक बातचीत होने की उम्मीद है।' राजदूत गोर ने भी बैठक के बाद कहा कि अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को अंतिम रूप देने पर बातचीत जारी है।
टैरिफ समयसीमा की पृष्ठभूमि
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के ढाँचे को अगले महीने लागू होने वाली महत्वपूर्ण टैरिफ समयसीमा से पहले अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं। राजदूत गोर ने ग्रीर के आगमन से पहले कहा था कि दोनों पक्ष 'महत्वाकांक्षी व्यापार एजेंडे' को आगे बढ़ाते हुए एक मजबूत द्विपक्षीय समझौते की दिशा में तेज़ी से काम कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर खुलेंगे।
बैठकों का उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, ग्रीर नई दिल्ली में गोयल के साथ कई दौर की बैठकें करेंगे। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य टैरिफ समयसीमा से पहले व्यापार समझौते की रूपरेखा को पक्का करना है। माना जा रहा है कि यह अंतरिम समझौता भविष्य में एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की नींव तैयार करेगा।
आम जनता और उद्योग पर असर
यदि यह समझौता अपेक्षित समयसीमा के भीतर आकार लेता है, तो इसके तहत दोनों देशों के बीच टैरिफ ढाँचे में बदलाव हो सकते हैं, जो भारतीय निर्यातकों — विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और कपड़ा क्षेत्र — के लिए अहम होगा। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार हाल के वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है और यह समझौता उस गति को और मज़बूत करने की कोशिश है।
क्या होगा आगे
वार्ता के नतीजे अगले कुछ हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है, जब टैरिफ समयसीमा नज़दीक आएगी। दोनों पक्षों की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन समझौते की अंतिम शर्तें अभी तय होनी बाकी हैं।