भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता इस हफ्ते, पीयूष गोयल और जैमीसन ग्रीयर करेंगे अंतरिम BTA पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार, 21 जून को पत्रकारों को बताया कि भारत और अमेरिका इस सप्ताह मंत्री-स्तरीय व्यापार वार्ता करेंगे। दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं — यह बातचीत 24 जुलाई को समाप्त हो रही अमेरिकी टैरिफ छूट की समय-सीमा से पहले निर्णायक मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर दो दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुँचेंगे, जहाँ वे पीयूष गोयल के साथ व्यापार संबंधी विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। गोयल ने स्पष्ट किया, "अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर कल मेरे समकक्ष दिल्ली आ रहे हैं।"
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि दोनों मंत्रियों के बीच होने वाली बैठक का केंद्रीय एजेंडा अंतरिम व्यापार समझौते के ढाँचे को अंतिम रूप देना है, साथ ही व्यापक BTA पर भी बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी।
टैरिफ समय-सीमा का दबाव
यह वार्ता ऐसे नाज़ुक मोड़ पर हो रही है जब अमेरिका द्वारा अपने सभी व्यापारिक साझेदारों पर लगाया गया 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ 24 जुलाई को समाप्त होने वाला है। अमेरिकी प्रशासन ने फरवरी में इस शुल्क की घोषणा की थी — यह 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' दरों के अतिरिक्त लगाया गया है। 150 दिनों की यह अवधि समाप्त होते ही वॉशिंगटन संशोधित टैरिफ व्यवस्था लागू कर सकता है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए अनिश्चितता का कारण बन सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले 2 से 4 जून के बीच नई दिल्ली में दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों के स्तर पर बैठक हो चुकी है, जिसमें प्रस्तावित समझौते की प्रगति पर चर्चा की गई थी।
USTR की जाँच और श्रम विवाद
यह बातचीत तब और जटिल हो जाती है जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत भारत सहित कई देशों के खिलाफ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और श्रम संबंधी प्रथाओं को लेकर जाँच शुरू कर रखी है। जून में USTR ने कथित जबरन श्रम से जुड़ी चिंताओं के आधार पर भारत सहित कई देशों से होने वाले आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी रखा था, हालाँकि इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
BTA का पहला चरण: क्या है लक्ष्य
इस महीने की शुरुआत में पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े सभी लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया था कि BTA का पहला चरण अगले महीने के मध्य तक पूरा किया जा सकता है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी की नींव रखने का काम करेगा।
आगे की राह
इस सप्ताह होने वाली मंत्री-स्तरीय वार्ता से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यदि दोनों पक्ष BTA के पहले चरण पर सहमति बना लेते हैं, तो यह 24 जुलाई की टैरिफ समय-सीमा से पहले भारतीय निर्यातकों को राहत दे सकता है और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जा सकता है।