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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में प्रगति, पीयूष गोयल और एंबेसडर ग्रीर के बीच कई दौर की बैठक

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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में प्रगति, पीयूष गोयल और एंबेसडर ग्रीर के बीच कई दौर की बैठक

सारांश

टैरिफ समयसीमा से पहले भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में तेज़ी आई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और USTR एंबेसडर जेमिसन ग्रीर के बीच नई दिल्ली में कई दौर की बैठकें हुईं — दोनों देश 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के अनुरूप एक संतुलित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और USTR एंबेसडर जेमिसन ग्रीर के बीच 24 जून को नई दिल्ली में कई दौर की बैठकें हुईं।
बैठकों में 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के अनुरूप संतुलित व्यापार समझौते पर चर्चा हुई।
मंगलवार को गोयल ने ग्रीर और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से भी मुलाकात की थी।
अगले महीने लागू होने वाली टैरिफ समयसीमा से पहले समझौते को आकार देने की कोशिश जारी है।
दोनों देश एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं जिससे नए आर्थिक अवसर खुलें और द्विपक्षीय संबंध मज़बूत हों।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 24 जून को जानकारी दी कि नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को गहरा करने और एक संतुलित व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार करने पर केंद्रित चर्चा हुई।

मुख्य बैठकें और घटनाक्रम

गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) एंबेसडर जेमिसन ग्रीर और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ सुबह कई दौर की बैठकें हुईं। इनमें भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की प्रगति की समीक्षा की गई और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मज़बूत बनाने के रास्ते तलाशे गए।

गोयल ने कहा, "मैं एंबेसडर ग्रीर के नेतृत्व और हमारी बातचीत को रचनात्मक और प्रगतिशील ढंग से आगे बढ़ाने में दोनों टीमों के लगातार प्रयासों की सराहना करता हूँ।"

पिछले दिनों की बातचीत

इससे पहले मंगलवार को गोयल ने एंबेसडर ग्रीर और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की थी। उस बैठक में एक संतुलित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।

गोयल ने पोस्ट में लिखा, "हमने 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के अनुरूप, एक संतुलित और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद व्यापार समझौते की बातचीत को आगे बढ़ाने पर सार्थक चर्चा की।" यह बयान भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की दिशा तय करने वाला एक अहम दस्तावेज़ माना जाता है।

टैरिफ समयसीमा की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ये बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं जब अगले महीने एक महत्वपूर्ण टैरिफ समयसीमा लागू होने वाली है। सोमवार को राजदूत गोर ने स्पष्ट किया था कि एंबेसडर ग्रीर की यात्रा का मुख्य उद्देश्य इसी समयसीमा से पहले व्यापार वार्ता को ठोस आकार देना है।

राजदूत गोर ने एंबेसडर ग्रीर का स्वागत करते हुए लिखा था, "अपने महत्वाकांक्षी व्यापार एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए आपका यहाँ स्वागत है। हम एक मज़बूत द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर खुलेंगे।"

आर्थिक साझेदारी का महत्व

भारत और अमेरिका के बीच पहले से एक मज़बूत और बढ़ती हुई आर्थिक साझेदारी है। प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते से दोनों देशों के बाज़ारों में नए अवसर खुलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए विशेष रूप से लाभदायक हो सकता है।

आगे की राह

दोनों पक्ष टैरिफ समयसीमा से पहले वार्ता को एक निर्णायक मोड़ पर लाने की कोशिश में हैं। आने वाले दिनों में और बैठकें होने की संभावना है, जिनमें व्यापार समझौते के तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि केवल कूटनीतिक सद्भावना — और यह अंतर महत्वपूर्ण है। अगले महीने की टैरिफ समयसीमा दोनों पक्षों पर एक वास्तविक समझौते का दबाव बना रही है, जो पिछले कई वर्षों की 'सार्थक चर्चाओं' से अलग है। हालाँकि, 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के बाद भी अब तक कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया है, जो यह सवाल उठाता है कि क्या यह वार्ता भी पिछले दौरों की तरह घोषणाओं तक सीमित रहेगी। असली कसौटी यह होगी कि टैरिफ समयसीमा के बाद दोनों देश कितने ठोस व्यापारिक लाभ हासिल कर पाते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में 24 जून को क्या हुआ?
24 जून को नई दिल्ली में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जेमिसन ग्रीर के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। इनमें द्विपक्षीय व्यापार वार्ता की प्रगति की समीक्षा और आर्थिक साझेदारी को गहरा करने के रास्ते तलाशे गए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में टैरिफ समयसीमा क्यों अहम है?
अगले महीने एक महत्वपूर्ण टैरिफ समयसीमा लागू होने वाली है, जिससे पहले दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना चाहते हैं। इस समयसीमा के कारण ही एंबेसडर ग्रीर की नई दिल्ली यात्रा और गहन बैठकों का दौर शुरू हुआ है।
7 फरवरी 2026 का संयुक्त बयान क्या है?
7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी किया था, जो दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता की दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ है। मौजूदा बैठकें इसी बयान के अनुरूप एक संतुलित और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
इस व्यापार समझौते से भारत को क्या फायदा होगा?
प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते से भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और मज़बूत होंगे तथा अमेरिकी बाज़ार में भारतीय उत्पादों की पहुँच बेहतर हो सकती है।
एंबेसडर जेमिसन ग्रीर कौन हैं?
जेमिसन ग्रीर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) हैं, जो अमेरिका की ओर से व्यापार वार्ताओं का नेतृत्व करते हैं। वे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली आए हैं और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई दौर की बैठकें कर रहे हैं।
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