भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर इस सप्ताह नई दिल्ली में अहम बैठक, जैमीसन ग्रीर करेंगे पीयूष गोयल से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर इस सप्ताह नई दिल्ली का दौरा करेंगे, जहाँ वे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत करेंगे। यह दौरा जी7 समिट के दौरान फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के ठीक बाद हो रहा है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि दोनों देश व्यापार समझौते पर पहुँचने के 'बहुत करीब' हैं।
जी7 में मोदी-ट्रंप की बैठक का संदर्भ
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि जी7 समिट के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और गहरी आर्थिक साझेदारी के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। गोर ने कहा, 'दोनों नेताओं ने जी7 समिट के दौरान व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और गहरी आर्थिक साझेदारी को लेकर अहम बातचीत की।' यह बैठक उस व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है जो 13 फरवरी 2025 को मोदी और ट्रंप द्वारा शुरू की गई थी।
ग्रीर के दौरे का एजेंडा
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने रविवार को पुष्टि की कि ग्रीर नई दिल्ली में मंत्री गोयल के साथ 'कई सत्र' करेंगे। इन बैठकों में 'ऐतिहासिक अमेरिका-भारत संयुक्त बयान और अंतरिम समझौते' पर विस्तार से चर्चा होगी। दोनों पक्षों का कहना है कि समझौता 'लगभग पूरा' हो चुका है, हालाँकि अंतिम तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राजदूत गोर का एक्स पोस्ट
राजदूत गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'राजदूत ग्रीर का नई दिल्ली में स्वागत करने का इंतजार है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई सत्र शेड्यूल किए गए हैं।' यह बयान इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन इस दौरे को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस प्रगति का अवसर मान रहा है।
उज्बेकिस्तान दौरे से पहले नई दिल्ली पड़ाव
ग्रीर नई दिल्ली के बाद ताशकंद रवाना होंगे, जहाँ उनकी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति प्रशासन के प्रमुख शावकत मिर्जियोयेव, सईदा मिर्जियोयेवा और उप प्रधानमंत्री जमशेद खोडजाएव से मुलाकात निर्धारित है। ग्रीर के दिल्ली प्रवास की अवधि के बारे में अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के बयान के अनुसार, इन सभी बैठकों का उद्देश्य 'स्पष्ट, संतुलित और पारस्परिक व्यापार' सुनिश्चित करना है।
आगे की राह
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच वर्तमान में चल रही व्यापार वार्ता उस व्यापक भू-आर्थिक पुनर्संतुलन का हिस्सा है जिसमें दोनों देश चीन के विकल्प के रूप में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना चाहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने कई देशों पर टैरिफ दबाव बढ़ाया है और भारत एक अनुकूल समझौते के जरिये अपने निर्यात को सुरक्षित करना चाहता है। इस सप्ताह होने वाली बैठकें यह तय करेंगी कि अंतरिम समझौते का ढाँचा कब तक औपचारिक रूप लेता है।