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भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर 2 जून से वार्ता शुरू, पीयूष गोयल बोले — 99% बातचीत पूरी

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भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर 2 जून से वार्ता शुरू, पीयूष गोयल बोले — 99% बातचीत पूरी

सारांश

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की वार्ता 2 जून से शुरू — 99% सहमति बन चुकी है, बस कानूनी मसौदे की अंतिम मुहर बाकी है। ब्रेंडन लिंच और दर्पण जैन की अगुवाई में यह तीन दिवसीय बैठक उस समझौते की नींव रख सकती है जो भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाज़ार में प्राथमिकता दिला सके।

मुख्य बातें

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण पर वार्ता 2 जून से 4 जून 2025 तक नई दिल्ली में जारी है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार बातचीत का 99% हिस्सा पूरा; जल्द हस्ताक्षर की उम्मीद।
अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच , भारतीय पक्ष का नेतृत्व अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं।
एजेंडे में बाज़ार पहुँच, गैर-टैरिफ बाधाएँ, धारा 301 के तहत शुल्क राहत और निवेश प्रोत्साहन शामिल।
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के IEEPA फैसले के बाद 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10% समान शुल्क लागू है।
समझौता लागू होने पर भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाज़ार में प्राथमिकता वाली पहुँच मिल सकती है।

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए 2 जून 2025 से नई दिल्ली में औपचारिक वार्ता शुरू हो गई है। 2 जून से 4 जून तक चलने वाली इन बैठकों में अंतरिम समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना और शेष विवादास्पद मुद्दों का निपटारा करना प्रमुख एजेंडा है। दोनों देशों के बीच समझौते का व्यापक ढाँचा पहले ही तय किया जा चुका है।

वार्ता का दायरा और प्रमुख मुद्दे

इन वार्ताओं में बाज़ार पहुँच, गैर-टैरिफ बाधाएँ, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाना, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा सहयोग जैसे अहम विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत लगाए गए शुल्क भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं — भारत इन मामलों में राहत का इच्छुक है।

वार्ताकारों का नेतृत्व

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के हाथों में होगा। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश तकनीकी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल अंतिम औपचारिकताएँ शेष हैं।

पीयूष गोयल का बयान

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि बातचीत का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, 'बहुत जल्द हम अमेरिका के साथ पहले द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा करेंगे और इसके बाद दूसरे चरण की बातचीत भी जारी रहेगी।'

पृष्ठभूमि: टैरिफ विवाद और देरी

गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस पारस्परिक टैरिफ व्यवस्था के विरुद्ध फैसला सुनाया था, जिसे 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लागू किया गया था। इस फैसले के बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों के आयात पर समान रूप से 10 प्रतिशत शुल्क लागू कर दिया था। इसी उथल-पुथल के चलते मुख्य वार्ताकारों की पहले प्रस्तावित बैठक को टालना पड़ा था।

भारतीय निर्यातकों पर संभावित असर

यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है, तो भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाज़ार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में प्राथमिकता वाली पहुँच मिल सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में पुनर्गठन जारी है और भारत खुद को एक प्रमुख विनिर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। समझौते के पहले चरण की औपचारिक घोषणा इस दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यापार वार्ताओं में अंतिम 1% अक्सर सबसे कठिन होता है — और यहाँ वही 1% धारा 301 के शुल्क और बाज़ार पहुँच जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा है। यह ध्यान देने योग्य है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पिछले कई वर्षों से 'अंतिम चरण' में बताई जाती रही है, पर औपचारिक समझौता अभी तक नहीं हुआ। अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के IEEPA फैसले ने जो नया टैरिफ परिदृश्य बनाया है, वह भारत के लिए अवसर और दबाव दोनों है — यदि समझौता जल्द नहीं हुआ, तो 10% समान शुल्क की अवधि समाप्त होने पर भारत फिर उसी पुरानी स्थिति में लौट सकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) क्या है?
यह भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित एक औपचारिक व्यापार समझौता है जिसका उद्देश्य बाज़ार पहुँच बढ़ाना, टैरिफ घटाना और व्यापारिक बाधाएँ दूर करना है। इसे दो चरणों में लागू किया जाना है, जिसमें पहले चरण पर अभी वार्ता चल रही है।
2 जून 2025 की वार्ता में क्या तय होने की उम्मीद है?
2 से 4 जून तक चलने वाली इन बैठकों में अंतरिम समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना और शेष विवादास्पद मुद्दों पर सहमति बनाना मुख्य लक्ष्य है। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी पहलुओं पर काम लगभग पूरा हो चुका है।
भारतीय निर्यातकों को इस समझौते से क्या फायदा होगा?
समझौता लागू होने पर भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाज़ार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में प्राथमिकता वाली पहुँच मिल सकती है। इससे वस्त्र, फार्मा, IT सेवाएँ और इंजीनियरिंग उत्पाद जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के IEEPA फैसले का इस वार्ता पर क्या असर पड़ा?
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन की IEEPA-आधारित पारस्परिक टैरिफ व्यवस्था को चुनौती दी, जिसके बाद प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10% समान शुल्क लागू कर दिया। इसी कारण पहले प्रस्तावित वार्ता बैठक को टालना पड़ा था।
वार्ता में भारत और अमेरिका का नेतृत्व कौन कर रहा है?
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारतीय पक्ष की अगुवाई वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के हाथों में है।
राष्ट्र प्रेस
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