भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले चरण पर जुलाई मध्य तक हस्ताक्षर संभव: पीयूष गोयल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 8 जून 2026 को नई दिल्ली में संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण पर जुलाई मध्य तक हस्ताक्षर हो सकते हैं। एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में गोयल ने इसे 'बहुत मजबूत और जीवंत पहला चरण' बताया, जो दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक सहयोग की नींव रखेगा।
वार्ता की मौजूदा स्थिति
गोयल के अनुसार, हाल के सप्ताहों में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और अब शेष मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल के टैरिफ संबंधी विवादों के बावजूद वार्ता अब निर्णायक चरण में पहुँच चुकी है।
गौरतलब है कि 5 जून को गोयल ने बताया था कि अमेरिका के विभिन्न व्यापार विभागों के अधिकारियों की एक पूरी टीम नई दिल्ली आई थी और भारतीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा था, 'अमेरिका के विभिन्न व्यापार विभागों के अधिकारियों की पूरी टीम दिल्ली में मौजूद थी।'
समझौते का महत्व और दायरा
यह प्रस्तावित व्यापार समझौता ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब भारत और अमेरिका दोनों आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने, निवेश बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। समझौते के पहले चरण से भारतीय निर्यातकों को कई प्रमुख क्षेत्रों में नए बाज़ार अवसर मिलने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और टैरिफ युद्ध के बीच दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पहले चरण की सफलता एक व्यापक और दीर्घकालिक व्यापार ढाँचे की राह खोल सकती है।
आगे की राह
दोनों पक्ष समझौते में बची हुई खाइयों को पाटने और ऐसा समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों को समान रूप से लाभ हो। यदि पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो भविष्य में एक अधिक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते का मार्ग प्रशस्त हो सकता है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए दूरगामी परिणाम लाएगा।