बांग्लादेश में खसरे का कहर: 24 घंटों में 4 बच्चों की मौत, कुल मृतक संख्या 788 पहुंची
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। 19 जुलाई 2026 को सामने आए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से चार और बच्चों की मौत हो गई, जिससे देश में इस बीमारी से जुड़ी कुल मौतों की संख्या बढ़कर 788 हो गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन सभी नई मौतों को संदिग्ध खसरे से जुड़ी मौत की श्रेणी में रखा गया है।
मृत्यु और संक्रमण के आंकड़े
ताज़ा अपडेट के मुताबिक, बांग्लादेश में खसरे से संदिग्ध मौतों की संख्या 693 हो गई है, जबकि प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हुई मौतों का आंकड़ा 95 है। पिछले 24 घंटों में 938 नए संदिग्ध मामले दर्ज किए गए, जिससे देश में कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 1,17,648 तक पहुंच गई। इसी अवधि में प्रयोगशाला-पुष्टि 113 नए मामले सामने आए, जिससे कुल पुष्ट संक्रमणों की संख्या 14,431 हो गई है।
अस्पतालों पर बढ़ता बोझ
बांग्लादेश के अस्पताल पहले से ही प्रतिदिन 900 से अधिक खसरे के मरीज़ों के भर्ती होने के कारण दबाव में हैं। ढाका के बड़े सरकारी अस्पताल, जो पहले डेंगू के प्रकोप के दौरान हज़ारों मरीज़ों का बोझ उठा चुके हैं, अब खसरे के रोगियों की भारी संख्या से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि डेंगू के मामलों में अचानक उछाल आया, तो पहले से सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं पर और दबाव पड़ेगा और इलाज की सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
डेंगू का दोहरा संकट
बांग्लादेशी अखबार 'द डेली स्टार' के अनुसार, जून में डेंगू की स्थिति और खराब हुई। इस साल अब तक दर्ज कुल डेंगू मामलों में से 48 प्रतिशत और कुल मौतों में से 72 प्रतिशत मामले अकेले जून में सामने आए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जुलाई-अगस्त के मानसून काल में यदि एडीज मच्छरों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ये आंकड़े और भी भयावह हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी
बांग्लादेश मेडिकल यूनिवर्सिटी (BMU) के आंतरिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर फजले रब्बी चौधरी ने कहा कि खसरे के मामलों में कमी तो आनी शुरू हुई है, लेकिन यह गिरावट अपेक्षित गति से नहीं हो रही। 'द डेली स्टार' के हवाले से उन्होंने कहा, 'इसी समय मानसून मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है और डेंगू के मामले पहले ही बढ़ने लगे हैं। इससे निश्चित रूप से अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।'
चौधरी सहित अन्य विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार से मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के उपाय बढ़ाने, अस्थायी उपचार केंद्रों का विस्तार करने और डेंगू के लिए अलग वार्ड या यूनिट स्थापित करने की अपील की है, ताकि दोनों बीमारियों के एक साथ बढ़ते बोझ को संभाला जा सके।
आगे की चुनौती
यह स्थिति ऐसे समय में और गंभीर हो गई है जब बांग्लादेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रही है। खसरे और डेंगू का एक साथ बढ़ना एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की ओर इशारा करता है। सरकार और स्वास्थ्य विभागों की प्रतिक्रिया आने वाले हफ्तों में इस महामारी की दिशा तय करेगी।