बांग्लादेश में खसरे से 677 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 7 और बच्चों ने तोड़ा दम
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में खसरे (मीजल्स) का प्रकोप 20 जून 2026 को और भीषण हो गया, जब स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार पिछले 24 घंटों में 7 और बच्चों की मौत दर्ज की गई। इसके साथ ही 15 मार्च 2026 से अब तक खसरे से जुड़ी पुष्ट और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या बढ़कर 677 हो गई है। देश में यह स्वास्थ्य संकट उस समय और गहरा गया है जब एक महीने पहले ही बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया था।
मृतकों और संक्रमितों का ताज़ा ब्यौरा
डीजीएचएस के आँकड़ों के अनुसार, 677 कुल मौतों में से 584 संदिग्ध खसरा मामले हैं, जबकि 93 मौतें प्रयोगशाला से पुष्ट हैं। संक्रमण के मामलों में भी तेज़ी जारी है — पिछले 24 घंटों में 807 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे संदिग्ध संक्रमितों की कुल संख्या 91,789 तक पहुँच गई। इसी अवधि में 80 नए पुष्ट मामले दर्ज हुए, जिससे कुल पुष्ट संक्रमितों की संख्या 10,949 हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध और पुष्ट मामलों को मिलाकर कुल संख्या एक लाख का आँकड़ा पार कर चुकी है।
टीकाकरण अभियान के बावजूद संकट क्यों गहराया
यह स्थिति तब है जब लगभग एक महीने पहले 1.84 करोड़ बच्चों को शामिल करते हुए बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी पर काबू न पाए जाने के दो प्रमुख कारण हैं — सभी क्षेत्रों में 95 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज हासिल न हो पाना और अस्पतालों व समुदायों में संक्रमण रोकथाम उपायों का पर्याप्त पालन न किया जाना।
जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने स्पष्ट किया कि जब तक हर क्षेत्र में टीकाकरण की दर इस सीमा तक नहीं पहुँचती और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल सख्ती से लागू नहीं होते, तब तक मामलों में कमी आना मुश्किल है। गौरतलब है कि खसरा एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है और इसके प्रसार को रोकने के लिए झुंड प्रतिरक्षा (herd immunity) के लिए बेहद ऊँची कवरेज दर आवश्यक होती है।
डेंगू सीज़न से बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डेंगू का मौसम शुरू होने से खसरे से संक्रमित बच्चों में गंभीर जटिलताओं का खतरा और बढ़ सकता है। खसरा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर करता है, जिससे बच्चे अन्य संक्रमणों के प्रति भी अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर पहले से ही दबाव है।
राजनीतिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पूर्व अंतरिम सरकार और मौजूदा सरकार पर टीकाकरण कार्यक्रम को बाधित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नई वैक्सीन खरीद प्रणाली लागू करने के प्रयास में टीकाकरण व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वर्तमान सरकार की लापरवाही और अक्षमता के कारण यह बीमारी महामारी का रूप ले चुकी है।
हसीना ने आरोप लगाया कि देश के 61 जिलों में लाखों बच्चे इस बीमारी से प्रभावित हैं और आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 600 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि उनके अनुसार वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। उन्होंने इसे महज दुर्घटना नहीं बल्कि 'प्रशासनिक अपराध' करार दिया। हालाँकि, इन आरोपों पर सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।
आगे की राह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि संकट से उबरने के लिए लक्षित टीकाकरण अभियानों को उन क्षेत्रों में प्राथमिकता देनी होगी जहाँ कवरेज अभी भी कम है। बांग्लादेश में खसरे का यह प्रकोप दक्षिण एशिया में बचपन के टीकाकरण कार्यक्रमों की निरंतरता और मज़बूती की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित करता है।