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बांग्लादेश में खसरे से 7 और बच्चों की मौत, मृतकों का आंकड़ा 601 पार; मई में अकेले 309 मौतें

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बांग्लादेश में खसरे से 7 और बच्चों की मौत, मृतकों का आंकड़ा 601 पार; मई में अकेले 309 मौतें

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का संकट और गहरा गया है — 15 मार्च से अब तक 601 मौतें, संदिग्ध मामले 74,572 के पार, और अकेले मई में 309 जानें गईं। यूनिसेफ का दावा है कि वैक्सीन की कमी पर 2024 से चेताया जा रहा था, पर समय पर ऑर्डर नहीं हुए। अब BNP सरकार जाँच करा रही है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में 15 मार्च 2026 से अब तक खसरे से पुष्ट और संदिग्ध मौतों का आँकड़ा 601 पार।
पिछले 24 घंटों में 7 बच्चों की मौत, सभी ‘संदिग्ध’ श्रेणी में दर्ज।
कुल संदिग्ध मामले 74,572 , पुष्ट मामले 9,191 ; अकेले मई में 309 मौतें ।
यूनिसेफ ने 2024 से वैक्सीन की कमी पर स्वास्थ्य मंत्रालय को 5-6 पत्र और 10 बैठकों में चेतावनी दी थी।
विशेष खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान 20 मई को प्रारंभिक चरण में समाप्त; BNP सरकार ने जाँच के आदेश दिए।

बांग्लादेश में खसरे (मीजल्स) का प्रकोप विकराल रूप लेता जा रहा है। बुधवार को इस संक्रामक बीमारी से सात और बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद 15 मार्च 2026 से अब तक पुष्ट और संदिग्ध मौतों का कुल आंकड़ा 601 पर पहुँच गया है। ढाका स्थित स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने पिछले 24 घंटों के ये आधिकारिक आँकड़े साझा किए हैं।

मुख्य घटनाक्रम और ताज़ा आँकड़े

DGHS के अनुसार, बुधवार सुबह तक के पिछले 24 घंटों में दर्ज सातों ताज़ा मौतों को फ़िलहाल ‘संदिग्ध’ श्रेणी में रखा गया है। अब तक खसरे से 90 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि 511 मौतें संदिग्ध मानी जा रही हैं।

संक्रमण की रफ़्तार भी थमने का नाम नहीं ले रही। पिछले 24 घंटों में 1,210 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 74,572 हो गई है। वहीं 55 नए पुष्ट मामलों के साथ कुल पुष्ट मामले 9,191 तक पहुँच गए हैं।

मई बना सबसे घातक महीना

आँकड़ों के अनुसार, अकेले मई 2026 में खसरे और उससे जुड़े लक्षणों के कारण 309 लोगों की मौत दर्ज की गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मई के अधिकांश दिनों में प्रतिदिन 1,000 से अधिक नए मामले सामने आए; केवल 9, 16 और 23 मई को यह संख्या इस आँकड़े से नीचे रही।

गौरतलब है कि यह स्थिति तब है जब सरकार द्वारा चलाया गया डेढ़ महीने का विशेष खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान अपने प्रारंभिक चरण में 20 मई को समाप्त हो चुका है।

यूनिसेफ की चेतावनियाँ और वैक्सीन संकट

मई में यूनिसेफ ने खुलासा किया था कि उसने देश की तत्कालीन अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मुहम्मद यूनुस कर रहे थे, को वैक्सीन की कमी पर कई बार आगाह किया था। यूनिसेफ की बांग्लादेश प्रतिनिधि राना फ्लावर्स के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारियों को 2024 से ही पत्रों और बैठकों के ज़रिए चेताया जा रहा था कि टीकों की कमी बड़े स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती है।

फ्लावर्स ने बताया कि यूनिसेफ ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पाँच से छह पत्र भेजे और 10 अलग-अलग बैठकों में चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 2024 से 2026 तक लगातार सरकार को सूचित किया गया कि वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए समय रहते ऑर्डर देना ज़रूरी है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक टेड चैबन ने भी अगस्त 2025 में बांग्लादेश दौरे के दौरान विदेश मंत्रालय के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया था।

क्या होगा आगे

राना फ्लावर्स के अनुसार, फ़िलहाल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाली सरकार खसरा प्रकोप की जाँच करा रही है, और यूनिसेफ इस जाँच में सहयोग के लिए आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टीकाकरण कवरेज को तेज़ी से दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले हफ़्तों में बच्चों के बीच मृत्यु-दर और बढ़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

10 बैठकें, दो साल का समय — कागज़ों में दबी रह गईं, और इसकी क़ीमत मुख्यतः बच्चों ने चुकाई। यह दक्षिण एशिया के लिए चेतावनी है कि राजनीतिक उथल-पुथल के बीच रूटीन इम्युनाइज़ेशन चेन टूटी, तो दशकों की प्रगति महीनों में पलट सकती है। असली परीक्षा अब BNP सरकार की जाँच की पारदर्शिता और टीके की त्वरित आपूर्ति बहाली की होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितनी मौतें हो चुकी हैं?
DGHS के आँकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से 3 जून 2026 तक खसरे से पुष्ट और संदिग्ध मौतों का कुल आँकड़ा 601 पहुँच गया है। इनमें 90 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि 511 मौतें संदिग्ध श्रेणी में हैं।
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप इतना गंभीर क्यों हुआ?
यूनिसेफ के अनुसार, देश में वैक्सीन की भारी कमी रही और स्वास्थ्य अधिकारियों को 2024 से इसकी चेतावनी दी जा रही थी। समय पर ऑर्डर न दिए जाने के कारण टीकाकरण कवरेज प्रभावित हुआ, जिससे संक्रमण तेज़ी से फैला।
यूनिसेफ ने बांग्लादेश सरकार को क्या चेतावनी दी थी?
यूनिसेफ की प्रतिनिधि राना फ्लावर्स के अनुसार, संस्था ने स्वास्थ्य मंत्रालय को 5-6 पत्र भेजे और 10 अलग-अलग बैठकों में वैक्सीन की कमी पर चिंता जताई। अगस्त 2025 में उप कार्यकारी निदेशक टेड चैबन ने भी ढाका दौरे पर यह मुद्दा विदेश मंत्रालय के सामने उठाया था।
क्या बांग्लादेश सरकार ने टीकाकरण अभियान चलाया है?
हाँ, सरकार ने डेढ़ महीने का विशेष खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान चलाया, जिसका प्रारंभिक चरण 20 मई 2026 को समाप्त हुआ। हालाँकि, अभियान के बावजूद मई में अकेले 309 मौतें दर्ज की गईं।
मौजूदा BNP सरकार क्या कदम उठा रही है?
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व वाली सरकार ने खसरा प्रकोप की औपचारिक जाँच के आदेश दिए हैं। यूनिसेफ ने भी इस जाँच में आवश्यक साक्ष्य और तकनीकी सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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