बांग्लादेश में खसरे का संकट: 24 घंटे में 6 बच्चों की मौत, कुल मृतक 459 हुए

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बांग्लादेश में खसरे का संकट: 24 घंटे में 6 बच्चों की मौत, कुल मृतक 459 हुए

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का संकट गहराता जा रहा है — 24 घंटे में 6 और बच्चों की मौत के साथ कुल मृतक 459 हो गए हैं। 57,846 संदिग्ध मामलों और टूटी वैक्सीन व्यवस्था के बीच यह संकट अब सिर्फ स्वास्थ्य नहीं, बल्कि जवाबदेही का सवाल बन चुका है।

मुख्य बातें

17 मई 2026 को सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से 6 बच्चों की मौत, कुल मृतक 459 ।
DGHS के अनुसार पुष्ट मौतें 75 , संदिग्ध मौतें 384 ; कुल संदिग्ध मामले 57,846 ।
15 मार्च 2026 से अब तक 42,092 मरीज़ भर्ती, जिनमें से 37,744 ठीक होकर घर लौटे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने टीकाकरण अभियान को प्राथमिकता और स्थानीय केंद्रों में 'फीवर कॉर्नर' बनाने की माँग की।
'सोचेतोन नागरिक समाज' ने ढाका में मानव श्रृंखला बनाकर पूर्व सलाहकार मुहम्मद यूनुस और नूरजहाँ बेगम के विरुद्ध कार्रवाई और मुआवज़े की माँग की।
रिपोर्टों के अनुसार पूर्व अंतरिम सरकार ने वैक्सीन खरीद व्यवस्था बाधित की, जिससे यह संकट 'टाला जा सकने वाला' बताया जा रहा है।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। 17 मई 2026 को सुबह 8 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से 6 और बच्चों की मौत हो गई, जिससे देश में कुल मृतकों की संख्या 459 पहुँच गई है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) के अनुसार इनमें से एक मौत की पुष्टि खसरे से हुई है, जबकि शेष पाँच मौतें संदिग्ध श्रेणी में हैं।

मृत्यु और संक्रमण के ताज़ा आँकड़े

DGHS के आँकड़ों के अनुसार अब तक खसरे से पुष्ट मौतों की संख्या 75 है, जबकि 384 मौतें संदिग्ध श्रेणी में दर्ज हैं। पिछले 24 घंटों में 1,274 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 57,846 हो गई है। इसी अवधि में 243 नए पुष्ट मामले दर्ज किए गए और पुष्ट संक्रमितों की कुल संख्या 7,767 पहुँच गई।

15 मार्च 2026 से अब तक 42,092 संदिग्ध मरीज़ अस्पताल में भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से 37,744 लोग उपचार के बाद घर लौट चुके हैं।

पिछले दिनों का घटनाक्रम

शनिवार को भी खसरे और खसरे जैसे लक्षणों से 12 बच्चों की मौत हुई थी। बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र 'द डेली स्टार' के अनुसार इनमें से 4 बच्चों में खसरे की पुष्टि हुई थी, जबकि शेष 8 बच्चों में खसरे जैसे लक्षण पाए गए। यह ऐसे समय में आया है जब संक्रमण की रफ़्तार लगातार तेज़ बनी हुई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अपील

संक्रमण के तेज़ी से फैलने के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार से टीकाकरण अभियान को प्राथमिकता देने की माँग की है। ढाका में बांग्लादेश लंग फाउंडेशन और चेस्ट एंड हार्ट एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में 'फीवर कॉर्नर' (बुखार जाँच केंद्र) स्थापित करने की सलाह दी, ताकि खसरा और निमोनिया जैसी बीमारियों का शीघ्र पता लगाया जा सके।

सरकार पर जवाबदेही का दबाव

बुधवार को 'सोचेतोन नागरिक समाज' के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने ढाका के धनमंडी 27 इलाके में मानव श्रृंखला बनाई। उन्होंने पूर्व अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस और स्वास्थ्य सलाहकार नूरजहाँ बेगम के विरुद्ध खसरे से हुई मौतों को लेकर कार्रवाई की माँग की और पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने की अपील की।

क्या यह संकट टाला जा सकता था

हाल ही में आई एक रिपोर्ट में इस संकट को 'टाला जा सकने वाला' बताया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार ने पहले से चल रही वैक्सीन खरीद व्यवस्था को समाप्त कर दिया, परंतु उसके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था समय पर खड़ी नहीं की जा सकी। गौरतलब है कि मार्च 2026 के मध्य से अब तक 400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। आने वाले दिनों में टीकाकरण की गति और सरकारी जवाबदेही इस संकट की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सही हैं तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन की गंभीर चूक है। खसरा एक ऐसी बीमारी है जिसे टीकाकरण से लगभग पूरी तरह रोका जा सकता है, फिर भी 57,000 से अधिक संदिग्ध मामले और 459 मौतें यह बताती हैं कि व्यवस्था कहीं न कहीं बुनियादी स्तर पर चरमराई। नागरिक समाज का सड़क पर उतरना और जवाबदेही की माँग इस बात का संकेत है कि जनता अब केवल राहत नहीं, जिम्मेदारी तय करने की अपेक्षा रखती है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
DGHS के आँकड़ों के अनुसार 17 मई 2026 तक बांग्लादेश में खसरे और खसरे जैसे लक्षणों से कुल 459 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 75 मौतें पुष्ट खसरे से और 384 मौतें संदिग्ध श्रेणी में दर्ज हैं।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले सामने आए हैं?
DGHS के अनुसार 17 मई 2026 तक कुल 57,846 संदिग्ध मामले और 7,767 पुष्ट मामले दर्ज किए जा चुके हैं। 15 मार्च 2026 से अब तक 42,092 मरीज़ अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप इतना गंभीर क्यों हो गया?
रिपोर्टों के अनुसार पूर्व अंतरिम सरकार ने मौजूदा वैक्सीन खरीद व्यवस्था को समाप्त कर दिया, लेकिन उसके स्थान पर नई व्यवस्था समय पर नहीं बनाई जा सकी। इसे 'टाला जा सकने वाला संकट' बताया जा रहा है।
बांग्लादेश में खसरे से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने टीकाकरण अभियान को प्राथमिकता देने और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में 'फीवर कॉर्नर' स्थापित करने की माँग की है। ढाका में बांग्लादेश लंग फाउंडेशन और चेस्ट एंड हार्ट एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह अपील की।
बांग्लादेश में खसरे की मौतों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या रही है?
'सोचेतोन नागरिक समाज' के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने ढाका के धनमंडी 27 इलाके में मानव श्रृंखला बनाई। उन्होंने पूर्व अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस और स्वास्थ्य सलाहकार नूरजहाँ बेगम के विरुद्ध कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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