बांग्लादेश में खसरा संकट: 24 घंटों में 5 बच्चों की मौत, कुल मृतक 613 हुए
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, 6 जून को सुबह 8 बजे तक के पिछले 24 घंटों में 5 और बच्चों की मौत हो गई, जिससे खसरे या इससे मिलते-जुलते लक्षणों से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 613 हो गई है। यह स्वास्थ्य संकट बांग्लादेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र पर भारी दबाव डाल रहा है।
मौतों और मामलों का ताज़ा आँकड़ा
डीजीएचएस के नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, कुल 613 मौतों में से 522 को संदिग्ध खसरा मामलों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जबकि प्रयोगशाला जाँच से पुष्टि किए गए मृतकों की संख्या 91 पर स्थिर है। शनिवार सुबह तक के 24 घंटों में 915 नए संदिग्ध मामले दर्ज किए गए, जिससे देश में कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 77,791 हो गई।
इसी अवधि में 117 नए पुष्ट खसरा संक्रमण के मामले भी सामने आए, जिससे प्रयोगशाला-पुष्टि कुल मामलों की संख्या 9,620 तक पहुँच गई है।
अस्पतालों में बिस्तरों की भारी कमी
15 मार्च से अब तक खसरे जैसे लक्षणों वाले कुल 63,134 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 58,964 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। बावजूद इसके, अस्पतालों में बिस्तरों की किल्लत गंभीर बनी हुई है।
ढाका ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट में शुरुआत में खसरा रोगियों के लिए दो वार्ड निर्धारित किए गए थे। बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए पहले तीसरा और अब आईसीयू सुविधाओं सहित चौथा वार्ड भी खोला गया है। इसके बावजूद बिस्तरों की कमी के कारण कई मरीजों को वापस लौटाया जा रहा है।
खसरा वार्ड की प्रभारी नर्स ने बताया, "मरीजों की संख्या बेहद अधिक है। इस वार्ड में 26 बिस्तर हैं और सभी हमेशा भरे रहते हैं। शायद ही कोई बिस्तर खाली रहता हो। जैसे ही एक मरीज डिस्चार्ज होता है, तुरंत दूसरा मरीज भर्ती होने के लिए आ जाता है।"
परिवारों की बदहाली
रिपोर्टों के अनुसार, संक्रमित बच्चों के परिवार भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। वे अपने बच्चों के लिए अस्पताल में बिस्तर पाने की उम्मीद में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटक रहे हैं। राजधानी ढाका के अस्पतालों तक पहुँचने के बाद भी कई परिवारों को भर्ती नहीं मिल पा रही है, जो स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे की सीमाओं को उजागर करता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी और सरकारी प्रयास
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है और इसे नियंत्रित करने के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान, जन-जागरूकता और समय पर उपचार बेहद ज़रूरी है। गौरतलब है कि यह संकट ऐसे समय में गहरा रहा है जब बांग्लादेश पहले से ही अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर कई मोर्चों पर दबाव झेल रहा है।
सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियाँ लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के प्रयास जारी हैं। आने वाले दिनों में टीकाकरण कवरेज और अस्पताल क्षमता दोनों पर सरकार की प्रतिक्रिया इस संकट की दिशा तय करेगी।