बांग्लादेश में खसरे का कहर: 709 बच्चों की मौत, 98,266 संदिग्ध मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा — 27 जून 2025 को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सात और बच्चों की मौत हो गई, जिससे देश में कुल संदिग्ध एवं प्रयोगशाला-पुष्टि मौतों का आंकड़ा बढ़कर 709 तक पहुँच गया है। यह संख्या अप्रैल से शुरू हुई इस महामारी के सबसे गंभीर पड़ाव को दर्शाती है।
मौतों का ब्यौरा
DGHS के अनुसार, नवीनतम सात मौतों में से एक मामले को प्रयोगशाला-पुष्टि खसरा मौत के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि छह मामले संदिग्ध श्रेणी में हैं। इसके साथ ही देशभर में संदिग्ध खसरा मौतों की कुल संख्या 615 और प्रयोगशाला-पुष्टि मौतें 94 हो गई हैं।
गौरतलब है कि मयमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अकेले शुक्रवार से शनिवार सुबह 8 बजे के बीच चार बच्चों ने दम तोड़ा, जिससे इस सरकारी अस्पताल में मृतकों की कुल संख्या 58 हो गई है।
मयमनसिंह अस्पताल की स्थिति
अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. झंटू सरकार ने शनिवार सुबह पुष्टि की कि जिन चार बच्चों की जान गई उनमें 8 महीने का एक, 4 महीने के दो, और 3 महीने का एक शिशु शामिल था। डॉ. सरकार ने बताया कि इन बच्चों में खसरे के लक्षणों के साथ-साथ निमोनिया सहित अन्य जटिलताएँ भी थीं। पिछले 24 घंटों में 16 नए बच्चों को भर्ती किया गया और वर्तमान में 94 बच्चे इलाजरत हैं।
देशव्यापी संक्रमण के आंकड़े
DGHS के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 744 नए संदिग्ध मामले दर्ज हुए, जिससे देशभर में कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 98,266 हो गई है। इसी अवधि में 45 नए प्रयोगशाला-पुष्टि मामले सामने आए, जिससे कुल प्रमाणित संक्रमण 11,594 तक पहुँच गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब 10 अप्रैल से अब तक देशभर में 81,955 संदिग्ध खसरा मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है, जिनमें से 78,287 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
आगे की चिंता
यह प्रकोप बांग्लादेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर गंभीर दबाव डाल रहा है, विशेष रूप से नवजात और शिशु आयु वर्ग में मृत्यु दर चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा टीकाकरण अभियान और अस्पताल क्षमता विस्तार पर आगे के कदमों की घोषणा अपेक्षित है।