असम में पीएम पोषण योजना को नई ताकत: 28.97 लाख बच्चों को मिलेगा बेहतर पोषण, 43,670 स्कूलों में न्यूट्रिशन गार्डन
सारांश
मुख्य बातें
असम सरकार ने 2026-27 के लिए पीएम पोषण योजना के दायरे और गुणवत्ता दोनों को व्यापक रूप से विस्तार देने का निर्णय किया है, जिसके तहत राज्य के 28.97 लाख स्कूली बच्चों को संतुलित और विविध पोषण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में यह जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल का मूल उद्देश्य यह है कि कोई भी बच्चा शिक्षा और पोषण में से किसी एक को चुनने पर मजबूर न हो।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य सरकार ने मौजूदा पीएम पोषण कार्यक्रम को तीन नई पहलों से सुदृढ़ किया है — न्यूट्रिशन गार्डन, रागी हेल्थ ड्रिंक और अतिरिक्त अंडे। ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, राज्य भर के 43,670 स्कूलों में पोषण उद्यान स्थापित किए जा चुके हैं। ये उद्यान स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली पौष्टिक सब्जियों और अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं और छात्रों में टिकाऊ खाद्य आदतों के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं।
रागी और अंडे: पोषण की नई रणनीति
विस्तारित कार्यक्रम के अंतर्गत अभी 11.75 लाख बच्चों को रागी से बना हेल्थ ड्रिंक दिया जा रहा है। रागी को उसके उच्च खनिज और पोषण मूल्य के कारण स्कूल मेनू में शामिल किया गया है, जो बच्चों के आहार में विविधता और पोषकता दोनों जोड़ता है। इसके अतिरिक्त, पात्र बच्चों को प्रति सप्ताह दो अतिरिक्त अंडे भी दिए जा रहे हैं — इस पहल से अभी 4.75 लाख बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, इन उपायों का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रोटीन-युक्त विकल्पों के माध्यम से बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा करना है।
आम जनता और बच्चों पर असर
यह कार्यक्रम विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए महत्त्वपूर्ण है, जहाँ घर पर पर्याप्त और संतुलित भोजन की उपलब्धता अनिश्चित हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि पोषण सहायता को मजबूत करने से स्कूल में उपस्थिति, एकाग्रता और समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि न्यूट्रिशन गार्डन के माध्यम से समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे छात्र और उनके परिवार भोजन उत्पादन की प्रक्रिया से सीधे जुड़ सकें।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल-आधारित पोषण कार्यक्रमों में स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थों को शामिल करना दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुधार के लिए एक प्रभावी रणनीति है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर बाल कुपोषण के आँकड़े अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। असम का यह मॉडल — जहाँ स्कूल भोजन को लक्षित पोषण उपायों के साथ जोड़ा गया है — अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है।
क्या होगा आगे
सरकार 2026-27 के दौरान 28.97 लाख बच्चों को इस विस्तारित कार्यक्रम के दायरे में लाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। राज्य भर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नियमित स्कूल भोजन को इन लक्षित पोषण उपायों के साथ एकीकृत करने की योजना चल रही है, जो असम में बाल स्वास्थ्य और शैक्षणिक परिणामों को दीर्घकालिक रूप से बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।