पीएम पोषण योजना: यूपी के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1-8 के बच्चों को रोज़ 700 कैलोरी, कुपोषण पर योगी सरकार का सीधा प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पीएम पोषण योजना के ज़रिए राजकीय, परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले लाखों बच्चों को प्रतिदिन संतुलित और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध करा रही है। 2 जून 2026 को जारी सरकारी जानकारी के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य महज़ मध्याह्न भोजन परोसना नहीं, बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को पोषण की बुनियाद पर खड़ा करना है।
पोषण मानक: कितनी कैलोरी, कितना प्रोटीन
एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5) के बच्चों को प्रतिदिन न्यूनतम 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8) के विद्यार्थियों के लिए यह मानक 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन निर्धारित है। ये मानक बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक एकाग्रता और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक बताए जा रहे हैं।
थाली में क्या-क्या: विविध और मौसमी खाद्य पदार्थ
सरकार ने भोजन को अधिक संतुलित बनाने के लिए साप्ताहिक विविधता का मॉडल अपनाया है। सप्ताह के अलग-अलग दिनों में बच्चों को दाल, हरी सब्जियाँ, सोयाबीन युक्त भोजन, दूध और मौसमी फल परोसे जा रहे हैं। इस व्यवस्था से बच्चों को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, आयरन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व नियमित रूप से मिल रहे हैं।
शैक्षणिक प्रदर्शन पर असर
अधिकारियों के अनुसार, बेहतर पोषण उपलब्ध होने से विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि पोषण और शिक्षा की गुणवत्ता के बीच सीधा संबंध शोध में भी स्थापित किया जा चुका है — भूखे या कुपोषित बच्चे की सीखने की क्षमता सीमित हो जाती है।
कुपोषण उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश ऐतिहासिक रूप से देश के उन राज्यों में रहा है जहाँ बाल कुपोषण की दर चिंताजनक रही है। इस पृष्ठभूमि में योगी सरकार द्वारा पीएम पोषण योजना को केवल भोजन वितरण से आगे ले जाकर स्वास्थ्य संवर्धन का माध्यम बनाना एक नीतिगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि विकसित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम बच्चों पर ही टिकी है।
आगे की राह
योगी सरकार का लक्ष्य कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को ज़मीन पर उतारना है। शिक्षा और पोषण को एक साथ जोड़ने की यह रणनीति आने वाले वर्षों में प्रदेश के मानव संसाधन विकास की दिशा तय करेगी।