20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली में असम के लोगों के लिए 7 समर्पित सुविधाएं, बाराक भवन भी बनेगा: CM हिमंत सरमा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली में असम के लोगों के लिए 7 समर्पित सुविधाएं, बाराक भवन भी बनेगा: CM हिमंत सरमा

सारांश

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली में असमिया समुदाय के लिए 7 समर्पित सुविधाओं की घोषणा की — जिनमें नामघर, कन्वेंशन हॉल, कार्बी-दिमासा भवन और प्रस्तावित बाराक भवन शामिल हैं। यह कदम दिल्ली में असम की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 19 जुलाई 2026 को घोषणा की कि नई दिल्ली में असम के लोगों के लिए 7 समर्पित सुविधाएं तैयार होंगी।
मौजूदा असम हाउस के अलावा मध्य दिल्ली और द्वारका में 3 नए परिसर निर्माणाधीन हैं।
एक परिसर में नामघर (पारंपरिक प्रार्थना स्थल) और कन्वेंशन हॉल बनाया जाएगा।
द्वारका में कार्बी भवन और दिमासा भवन का निर्माण जारी है।
अगला प्रोजेक्ट बाराक भवन होगा, जो बाराक घाटी के समुदायों के लिए होगा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 19 जुलाई 2026 को घोषणा की कि नई दिल्ली में असम के लोगों के लिए जल्द ही सात समर्पित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन सुविधाओं का उद्देश्य राजधानी आने वाले असम के छात्रों, मरीजों, सरकारी अधिकारियों, नौकरी तलाशने वालों और अन्य आगंतुकों को बेहतर आवास एवं सामुदायिक सहायता प्रदान करना है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सरमा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मौजूदा असम हाउस के अलावा मध्य दिल्ली और द्वारका में तीन नए परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली में असमिया समुदाय के लिए कुल सात समर्पित केंद्र तैयार हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इनमें से एक परिसर में नामघर — असम का पारंपरिक सामुदायिक प्रार्थना स्थल — और एक कन्वेंशन हॉल भी बनाया जाएगा। यह दिल्ली में रहने और आने वाले असमिया समुदाय को सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए एक साझा मंच देगा।

जनजातीय समुदायों के लिए विशेष भवन

सरमा ने जानकारी दी कि द्वारका में कार्बी भवन और दिमासा भवन का निर्माण भी जारी है। ये भवन कार्बी और दिमासा समुदाय के लोगों को दिल्ली में न केवल आवास बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए समर्पित स्थान उपलब्ध कराएंगे।

गौरतलब है कि असम एक बहु-जातीय राज्य है जहाँ दर्जनों जनजातीय और भाषाई समुदाय निवास करते हैं। दिल्ली में इन समुदायों के लिए अलग-अलग भवन बनाना राज्य सरकार की समावेशी नीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

बाराक भवन की योजना

मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि राज्य सरकार बाराक घाटी के लोगों के लिए भी एक अलग परिसर बनाने पर काम कर रही है। सरमा के अनुसार, अगला प्रोजेक्ट संभवतः बाराक भवन होगा, जो बाराक घाटी के बंगाली-भाषी और अन्य समुदायों को दिल्ली में एक स्थायी पहचान देगा।

असम हाउस की भूमिका और विस्तार

नई दिल्ली स्थित असम हाउस लंबे समय से राज्य सरकार के आधिकारिक अतिथि गृह के रूप में कार्यरत है, जहाँ सरकारी प्रतिनिधिमंडलों के अलावा पात्र आगंतुकों को भी ठहरने की सुविधा मिलती है। नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली में ठहरने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

यह पहल ऐसे समय में आई है जब देश के अन्य राज्य भी अपने निवासियों के लिए दिल्ली में सुविधाएं विस्तारित कर रहे हैं। असम सरकार की यह कोशिश राजधानी में राज्य की सांस्कृतिक उपस्थिति को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आगे क्या

निर्माणाधीन परिसरों के पूरा होने की कोई निश्चित समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालाँकि, मुख्यमंत्री सरमा ने भरोसा दिलाया कि ये परियोजनाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएंगी और नामघर व कन्वेंशन हॉल जैसी सुविधाओं के माध्यम से असम की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर और मजबूती मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असम सरकार का जनजातीय और क्षेत्रीय पहचान के आधार पर अलग-अलग भवन बनाने का निर्णय उल्लेखनीय है — यह राज्य की भीतरी विविधता को स्वीकार करता है। सवाल यह है कि इन परियोजनाओं की समयसीमा और वित्तपोषण का ब्यौरा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। इसके अलावा, दिल्ली में सांस्कृतिक उपस्थिति मजबूत करना तब ही सार्थक होगा जब इन सुविधाओं तक आम नागरिक — न केवल सरकारी प्रतिनिधिमंडल — की पहुँच सुनिश्चित हो।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में असम के लोगों के लिए कितनी सुविधाएं बनेंगी?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, नई दिल्ली में असम के लोगों के लिए कुल 7 समर्पित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें मौजूदा असम हाउस के अलावा मध्य दिल्ली और द्वारका में 3 नए परिसर शामिल हैं।
नामघर क्या है और इसे दिल्ली में क्यों बनाया जा रहा है?
नामघर असम का पारंपरिक सामुदायिक प्रार्थना और सांस्कृतिक केंद्र होता है। दिल्ली में नामघर बनाने का उद्देश्य राजधानी में रहने वाले और आने वाले असमिया समुदाय को धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक समर्पित स्थान देना है।
कार्बी भवन और दिमासा भवन कहाँ बनाए जा रहे हैं?
द्वारका में कार्बी भवन और दिमासा भवन का निर्माण जारी है। ये भवन असम के कार्बी और दिमासा जनजातीय समुदायों को दिल्ली में आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए समर्पित स्थान उपलब्ध कराएंगे।
बाराक भवन क्या है और यह कब बनेगा?
बाराक भवन असम की बाराक घाटी के लोगों के लिए प्रस्तावित एक अलग परिसर है। मुख्यमंत्री सरमा ने संकेत दिया कि यह अगली प्राथमिकता वाली परियोजना होगी, हालाँकि इसकी निर्माण समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
इन सुविधाओं से किसे फायदा होगा?
इन सुविधाओं का लाभ दिल्ली आने वाले असम के छात्रों, मरीजों, सरकारी अधिकारियों, नौकरी तलाशने वालों और अन्य आगंतुकों को मिलेगा। साथ ही, दिल्ली में स्थायी रूप से रहने वाले असमिया समुदाय को सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों के लिए भी इनका उपयोग मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले