असम को भारत का स्पोर्ट्स हब बनाने की मुहिम: CM सरमा ने मंत्री मांडविया से माँगा केंद्र का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 2 जून 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम, रोज़गार, युवा मामलों और खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात कर असम में खेल अवसंरचना के विस्तार और श्रमिकों के कल्याण को मज़बूत करने पर विस्तृत चर्चा की। मांडविया के आधिकारिक आवास पर एक घंटे से अधिक चली इस बैठक में असम को पूर्वोत्तर भारत और देश के एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बैठक में क्या हुई चर्चा
सरमा के अनुसार, बातचीत मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर केंद्रित रही — पूरे असम में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करना, एथलीटों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करना, और राज्य के श्रमजीवियों के लिए उन्नत कल्याण तंत्र विकसित करना। बैठक में केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग बनाए रखने का अनुरोध भी किया गया।
गौरतलब है कि यह बैठक मंत्री मांडविया के जन्मदिन पर हुई। सरमा ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए केंद्र से असम की खेल महत्वाकांक्षाओं में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
सरमा का 'एक्स' पर संदेश
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'सेवा फर्स्ट' दर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा, 'सेवा फर्स्ट एक दर्शन है, जो भाजपा के हर कार्यकर्ता को बाँधता है। मैं केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का आभारी हूँ, जिन्होंने आज सुबह, अपने जन्मदिन पर, असम में खेल के बुनियादी ढाँचे के विकास और हमारे श्रमजीवियों के लिए एक सक्षम माहौल बनाने से संबंधित विभिन्न मामलों पर चर्चा करने के लिए अपना समय दिया।'
असम की खेल महत्वाकांक्षा की पृष्ठभूमि
असम सरकार हाल के वर्षों में खेल अवसंरचना में लगातार निवेश कर रही है और राज्य में कई राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेज़बानी कर चुकी है। राज्य प्रशासन आधुनिक खेल सुविधाएँ विकसित करने, युवा प्रतिभाओं को तराशने और ज़मीनी स्तर पर खेल विकास को गति देने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य केंद्र सरकार की खेल योजनाओं में अधिक हिस्सेदारी की माँग कर रहे हैं। असम का लक्ष्य इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाना है।
श्रमिक कल्याण पर भी ज़ोर
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू श्रमिकों और मज़दूरों के लिए कल्याण उपायों को बेहतर बनाने पर केंद्रित रहा। सरमा ने केंद्रीय मंत्रालय से राज्य के श्रम क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि असम के कामगारों के लिए एक सक्षम और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
आगे की राह
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खेल विकास और युवाओं की सक्रिय भागीदारी असम के दीर्घकालिक विकास एजेंडे के प्रमुख स्तंभ बने रहेंगे। केंद्र के समर्थन से असम को भारत के खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।