असम में वन महोत्सव 2025: सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने हर नागरिक से एक पौधा लगाने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 1 जुलाई 2025 को वन महोत्सव की शुरुआत के अवसर पर राज्यवासियों से अगले एक सप्ताह के भीतर कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन भागीदारी की शक्ति से ही असम को अधिक हरा-भरा बनाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री का आह्वान
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'आज से वन महोत्सव — सप्ताहभर चलने वाले प्रकृति उत्सव की शुरुआत हो रही है।' उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रहने दें, बल्कि इसे एक सच्चे जन आंदोलन में बदलें। उन्होंने कहा, 'आइए, जन भागीदारी की ताकत से राज्य का हरित क्षेत्र बढ़ाएं और एक पौधा लगाकर अपने बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करें।'
मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता
सरमा ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गुवाहाटी से बाहर किसी भी जिले की सरकारी यात्रा के दौरान वे वहाँ एक पौधा अवश्य लगाते हैं। उन्होंने कहा, 'गुवाहाटी से बाहर अपनी हर यात्रा के दौरान मैं एक पौधा अवश्य लगाता हूँ।' यह बयान उनके इस संदेश को और बल देता है कि नेतृत्व को आदर्श स्थापित करना होगा।
वन महोत्सव क्या है
वन महोत्सव प्रत्येक वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाने वाला देशव्यापी वृक्षारोपण अभियान है। इसका उद्देश्य नागरिकों में वनों, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस सप्ताह के दौरान सरकारी विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक मिलकर बड़े पैमाने पर पौधारोपण करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई की चिंताएँ राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रीय स्थान बना चुकी हैं।
असम सरकार के संरक्षण प्रयास
असम सरकार पिछले कुछ वर्षों से बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और वन संरक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है। राज्य की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार पर्यावरण अभियानों में आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर लगातार जोर दे रही है।
आगे की राह
वन महोत्सव का यह सप्ताहभर चलने वाला अभियान 7 जुलाई 2025 तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृहद स्तर पर वृक्षारोपण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि यह अभियान वास्तव में जन आंदोलन का रूप लेता है, तो यह असम के हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में एक उल्लेखनीय सामूहिक प्रयास साबित हो सकता है।