16 जुलाई 2026
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असम पर्यटन मास्टर प्लान: हिमंता सरमा का पाँच साल का रोडमैप, 6 करोड़ पर्यटकों के बाद नई छलाँग

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असम पर्यटन मास्टर प्लान: हिमंता सरमा का पाँच साल का रोडमैप, 6 करोड़ पर्यटकों के बाद नई छलाँग

सारांश

पिछले दशक में 6 करोड़ पर्यटकों की उपलब्धि के बाद असम अब पाँचवर्षीय पर्यटन मास्टर प्लान की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का यह रोडमैप ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय रोज़गार और टिकाऊ विकास को केंद्र में रखता है — पूर्वोत्तर भारत में असम की पर्यटन महत्वाकांक्षा का अगला बड़ा दांव।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 16 जुलाई 2026 को असम के लिए पाँचवर्षीय पर्यटन मास्टर प्लान की घोषणा की।
पिछले एक दशक में असम में लगभग 6 करोड़ पर्यटक आ चुके हैं।
नई योजना ग्रामीण पर्यटन , स्थानीय रोज़गार सृजन और टिकाऊ विकास पर केंद्रित होगी।
कम-चर्चित पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करना प्रमुख लक्ष्य हैं।
सरकार असम की प्राकृतिक सुंदरता , वन्यजीव , सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करेगी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 16 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राज्य एक व्यापक पाँचवर्षीय पर्यटन मास्टर प्लान लागू करने की तैयारी में है। यह कदम उस उपलब्धि के बाद उठाया जा रहा है जिसमें पिछले एक दशक में असम में लगभग 6 करोड़ पर्यटक आ चुके हैं। इस योजना का केंद्र ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय रोज़गार सृजन और टिकाऊ विकास होगा।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'शानदार असम का दायरा और बढ़ रहा है। पिछले दशक में 6 करोड़ पर्यटकों का आना तो बस शुरुआत है। हमारा पाँच साल का टूरिज्म मास्टर प्लान ग्रामीण पर्यटन को तेज करेगा, स्थानीय स्तर पर रोज़गार पैदा करेगा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देगा।' उन्होंने यह भी कहा कि 'अभी तो सबसे अच्छी चीज़ें आनी बाकी हैं।'

मास्टर प्लान में क्या शामिल होगा

प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत असम के कम-चर्चित पर्यटन स्थलों को प्रमुखता दी जाएगी, पर्यटन-संबंधी बुनियादी ढाँचे को उन्नत किया जाएगा और स्थानीय समुदायों की पर्यटन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का विशेष ज़ोर असम की प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों को देश-विदेश के पर्यटकों के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने पर रहेगा।

ग्रामीण पर्यटन पर विशेष ध्यान

अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण पर्यटन में अधिक निवेश से राज्य के पर्यटन विकल्पों में विविधता आएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर खुलेंगे और स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब राज्य सरकार बुनियादी ढाँचे के विस्तार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण में संतुलन बनाने पर ज़ोर दे रही है।

पूर्वोत्तर में असम की बढ़ती पर्यटन भूमिका

हाल के वर्षों में असम ने पूर्वोत्तर भारत में अपनी स्थिति एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में मज़बूत करने की दिशा में कनेक्टिविटी सुधार, पर्यटक सुविधाओं का उन्नयन और सांस्कृतिक उत्सवों को बढ़ावा देने जैसे कई कदम उठाए हैं। यह नया मास्टर प्लान उसी रणनीति की अगली कड़ी है। सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन क्षेत्र से होने वाले आर्थिक लाभ राज्य के ग्रामीण समुदायों तक सीधे पहुँचें।

आगे की राह

नए पाँच साल के रोडमैप के ज़रिए सरकार पिछले दशक में बनी रफ़्तार को और आगे ले जाना चाहती है। असम को एक उभरते हुए वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की यह कोशिश राज्य की अर्थव्यवस्था और रोज़गार परिदृश्य दोनों को नई दिशा दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस भीड़ का आर्थिक लाभ किसे मिला — गुवाहाटी के होटल उद्योग को या सुदूर गाँवों के स्थानीय समुदायों को? ग्रामीण पर्यटन की बात पहले भी होती रही है, पर क्रियान्वयन प्रायः शहरी केंद्रों तक सिमट जाता है। मास्टर प्लान की विश्वसनीयता तभी साबित होगी जब उसमें मापने योग्य ग्रामीण रोज़गार लक्ष्य, पर्यावरणीय वहन-क्षमता सीमाएँ और समुदाय-स्तरीय राजस्व बँटवारे का ठोस ढाँचा हो — अन्यथा यह भी एक और नीतिगत दस्तावेज़ बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम का पाँचवर्षीय पर्यटन मास्टर प्लान क्या है?
यह असम सरकार की एक व्यापक दीर्घकालिक योजना है जिसका उद्देश्य राज्य के पर्यटन क्षेत्र को संरचित तरीके से विकसित करना है। इसमें ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय रोज़गार सृजन और टिकाऊ विकास पर ज़ोर दिया जाएगा।
असम में पिछले दशक में कितने पर्यटक आए?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, पिछले दस वर्षों में असम में लगभग 6 करोड़ पर्यटक आए हैं। यह आँकड़ा राज्य की बढ़ती पर्यटन क्षमता को दर्शाता है।
इस मास्टर प्लान से असम के ग्रामीण इलाकों को क्या फायदा होगा?
अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण पर्यटन में निवेश से गाँवों में रोज़गार के नए अवसर बनेंगे और स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभ सीधे ग्रामीण समुदायों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
असम सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए किन पहलुओं पर ध्यान दे रही है?
सरकार असम की प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों को देश-विदेश के पर्यटकों के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने पर ज़ोर दे रही है। इसके अलावा कनेक्टिविटी सुधार और सांस्कृतिक उत्सवों को बढ़ावा देना भी प्राथमिकता में है।
पूर्वोत्तर भारत में असम की पर्यटन स्थिति क्या है?
हाल के वर्षों में असम ने पूर्वोत्तर भारत में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है। बेहतर कनेक्टिविटी, उन्नत पर्यटक सुविधाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रचार ने राज्य को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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