असम बजट 10 जुलाई को: CM हिमंता सरमा बोले — पाँच साल का आर्थिक रोडमैप होगा, चुनावी वादे होंगे पूरे
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 6 जुलाई 2026 को गुवाहाटी में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि 10 जुलाई को विधानसभा में पेश होने वाला राज्य बजट महज एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं, बल्कि अगले पाँच वर्षों के लिए सरकार का समग्र आर्थिक रोडमैप होगा। यह बजट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद पहला पूर्ण बजट है।
बजट की मुख्य प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ द्वारा पेश किए जाने वाले इस बजट में कृषि, औद्योगिक विस्तार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME), स्वयं-सहायता समूह, रोज़गार सृजन और नवीकरणीय ऊर्जा को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। सरकार का लक्ष्य निवेश को प्रोत्साहित करना, आजीविका के नए अवसर बनाना और असम की आर्थिक नींव को सुदृढ़ करना है।
सरमा ने कहा, 'यह बजट हमारे चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों पर आधारित होगा। यह अगले पाँच सालों के लिए हमारी सरकार का आर्थिक विजन पेश करेगा और राज्य के विकास के लिए एक स्पष्ट दिशा देगा।'
शहरी और ग्रामीण दोनों पर ध्यान
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विकास का लाभ केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण आबादी तक भी समान रूप से पहुँचे। गौरतलब है कि असम में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब भी बड़े वर्ग की आजीविका का मुख्य आधार है, इसलिए इन क्षेत्रों में बजट आवंटन पर विशेष नज़र रहेगी।
विपक्षी गठबंधन की अटकलों पर प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों द्वारा एक बड़ा राजनीतिक गठबंधन बनाने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल पर सरमा ने कहा कि सत्ताधारी गठबंधन ऐसी गतिविधियों से बेफिक्र है और उसका पूरा ध्यान शासन-प्रशासन पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने कहा, 'लोगों ने हमें 102 सीटों का जनादेश दिया है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि विकास और सुशासन के जरिए उस जनादेश को पूरा करें। अगले दो सालों तक हमारी प्राथमिकता लोगों के लिए काम करना होगी। राजनीति 2028 तक इंतजार कर सकती है।'
BJP का राजनीतिक दावा
सरमा ने यह भी दावा किया कि BJP ने असम में एक मज़बूत राजनीतिक आधार तैयार किया है और पार्टी आने वाले कई दशकों तक राज्य की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति बनी रहेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष गठबंधन की संभावनाएँ तलाश रहा है और 2028 के विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारियाँ अभी से शुरू हो रही हैं।
आगे क्या
10 जुलाई 2026 को विधानसभा में बजट पेश होने के बाद स्पष्ट होगा कि चुनावी वादों को किस हद तक वित्तीय आवंटन में जगह मिली है। MSME, नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के हितधारकों की नज़रें विशेष रूप से इन मदों पर टिकी होंगी।