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असम में एक दशक में ₹5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: दिलीप सैकिया का बजट-पूर्व चर्चा में दावा

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असम में एक दशक में ₹5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: दिलीप सैकिया का बजट-पूर्व चर्चा में दावा

सारांश

BJP के असम प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने गुवाहाटी में बजट-पूर्व चर्चा के दौरान दावा किया कि राज्य ने एक दशक में ₹5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने बजट क्रियान्वयन दर 90% बताई और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में दो नई इकाइयों के आने का संकेत दिया।

मुख्य बातें

BJP असम प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने 24 जून 2026 को गुवाहाटी में बजट-पूर्व चर्चा में कहा कि असम ने ₹5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं।
यह निवेश 2014-15 से 2024-25 के बीच के एक दशक में आकर्षित हुआ — मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में।
वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने बताया कि बजट कार्य-पूर्णता दर अब लगभग 90 प्रतिशत तक पहुँच गई है।
राज्य में एक सेमीकंडक्टर सुविधा स्थापित होने के बाद दो और इकाइयों के आने की संभावना जताई गई।
हितधारकों ने MSME समर्थन, 'मेक इन असम', बांस-बेंत उत्पाद, विश्वविद्यालय अवसंरचना और कुक्कुट बीमा पर सुझाव दिए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के असम प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद दिलीप सैकिया ने बुधवार, 24 जून 2026 को गुवाहाटी में आयोजित एक बजट-पूर्व परामर्श बैठक में दावा किया कि असम ने 2014-15 से 2024-25 के बीच ₹5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य देश की सबसे तेज़ गति से रूपांतरित होने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो गया है और उद्योग तथा नवाचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

बजट-पूर्व चर्चा में क्या बोले सैकिया

BJP की ओर से आयोजित इस बैठक में अर्थशास्त्री, शिक्षाविद, उद्यमी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। सैकिया ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में आए 'असाधारण बदलाव' का उल्लेख करते हुए कहा कि असम की विकास यात्रा निरंतर प्रगति, बेहतर शासन और बढ़ते आर्थिक अवसरों की गवाही देती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की यह तरक्की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विज़न में महत्वपूर्ण योगदान कर रही है।

वित्त मंत्री का बजट पर रुख

कार्यक्रम में मुख्य भाषण देते हुए असम के वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने कहा कि राज्य सरकार एक व्यावहारिक, जन-केंद्रित और विकास-उन्मुख बजट तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी क्षेत्रों के हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए और बताया कि बजट आवंटन के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है — कार्य-पूर्णता दर अब लगभग 90 प्रतिशत तक पहुँच गई है।

मल्लाबरुआ ने कहा कि आज असम केंद्र सरकार के विशेष ध्यान का केंद्र बना हुआ है और इसके प्रमाण के रूप में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के राज्य में लगातार दौरों का हवाला दिया। निवेश परिदृश्य में आए बदलाव को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि एक समय था जब राज्य में छोटे निवेश को भी आगे बढ़ने में कठिनाई होती थी, किंतु अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण की ओर कदम

वित्त मंत्री ने राज्य में उभरते सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि एक सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना के बाद दो और इकाइयों के आने की संभावना है, जिससे उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में असम की स्थिति और सुदृढ़ होगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार भी सेमीकंडक्टर उत्पादन में भारत की भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।

हितधारकों के प्रमुख सुझाव

बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने कई अहम सिफारिशें रखीं — जिनमें MSME क्षेत्र के लिए अधिक समर्थन, 'मेक इन असम' पहल को प्रोत्साहन, सरकारी परियोजनाओं में बांस और बेंत उत्पादों का बढ़ा हुआ उपयोग, विश्वविद्यालय अवसंरचना में सुधार और लघु कुक्कुट किसानों के लिए बीमा सहायता शामिल हैं। इस कार्यक्रम में पूरे असम से कैबिनेट मंत्री, सांसद, वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि, व्यापार जगत के नेता, शिक्षाविद, खेल प्रशासक और उद्योग जगत के हितधारक उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि यह बजट-पूर्व परामर्श प्रक्रिया उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत राज्य सरकार अगले वित्त वर्ष के बजट में विभिन्न वर्गों की प्राथमिकताओं को समाहित करने की कोशिश कर रही है। आने वाले हफ्तों में इन सुझावों को बजट निर्माण प्रक्रिया में शामिल किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे स्वतंत्र सत्यापन की ज़रूरत है। 'निवेश प्रस्ताव' और वास्तविक ज़मीन पर उतरा निवेश दो अलग चीज़ें हैं — और इस अंतर को रेखांकित किए बिना यह संख्या भ्रामक हो सकती है। सेमीकंडक्टर इकाइयों की घोषणा उत्साहजनक है, लेकिन पूर्वोत्तर में औद्योगिक परियोजनाओं के इतिहास में घोषणा से क्रियान्वयन तक की राह अक्सर लंबी रही है। असली कसौटी यह होगी कि आने वाला बजट इन दावों को मापने योग्य रोज़गार और उत्पादन लक्ष्यों से कितना जोड़ता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप सैकिया ने असम के ₹5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का दावा कब और कहाँ किया?
यह दावा 24 जून 2026 को गुवाहाटी में BJP की ओर से आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में किया गया। सैकिया ने कहा कि 2014-15 से 2024-25 के बीच असम ने ₹5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं।
असम के वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने बजट को लेकर क्या कहा?
वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने कहा कि सरकार एक व्यावहारिक, जन-केंद्रित और विकास-उन्मुख बजट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बजट कार्य-पूर्णता दर अब लगभग 90 प्रतिशत तक पहुँच गई है।
असम में सेमीकंडक्टर विनिर्माण को लेकर क्या घोषणा हुई?
वित्त मंत्री मल्लाबरुआ ने बताया कि एक सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना के बाद दो और इकाइयों के आने की संभावना है। इससे उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में असम की स्थिति और मज़बूत होगी।
बजट-पूर्व चर्चा में हितधारकों ने कौन-से प्रमुख सुझाव दिए?
प्रतिभागियों ने MSME क्षेत्र के लिए अधिक समर्थन, 'मेक इन असम' पहल को बढ़ावा, सरकारी परियोजनाओं में बांस-बेंत उत्पादों का उपयोग, विश्वविद्यालय अवसंरचना में सुधार और लघु कुक्कुट किसानों के लिए बीमा सहायता की सिफारिश की।
असम की इस आर्थिक प्रगति का श्रेय किसे दिया गया?
दिलीप सैकिया ने इस बदलाव का श्रेय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व को दिया और कहा कि राज्य की तरक्की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विज़न में योगदान कर रही है। हालाँकि ये दावे BJP की ओर से आयोजित कार्यक्रम में किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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